कानपुर: यूरिया-डीएपी खरीदने वालों के होश उड़ा देगा सीएम योगी का यह बड़ा एलान, कर दी ये बड़ी तैयारी!
सीएसए कार्यशाला में मुख्यमंत्री की दो टूक- 'बीमारियों का घर बन चुके रसायनों को छोड़ो, जीरो बजट खेती अपनाओ'

कानपुर: कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के कैलाश भवन सभागार में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा विजन पेश किया। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरक व जहरीले कीटनाशक न सिर्फ किसानों की जेब खाली कर रहे हैं, बल्कि मानव स्वास्थ्य को बर्बाद कर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे रोकने के लिए प्राकृतिक खेती को देश का नया जनआंदोलन बनाने का शंखनाद किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ ‘गौमाता’ हैं। अब गाय के गोबर और गौमूत्र से तैयार होने वाले ‘जीवामृत’ के जरिए बिना किसी बाहरी खर्च के बंपर पैदावार की जाएगी, जिससे खेती की लागत शून्य हो जाएगी और किसानों का मुनाफा कई गुना बढ़ जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार इस मुहिम को जमीन पर उतारने के लिए प्रदेश के 34 जिलों में युद्धस्तर पर विशेष अभियान चला रही है, जिसमें गंगा किनारे के 27 जिले और बुंदेलखंड के सात जिले शामिल हैं।
किसानों की सबसे बड़ी चिंता यानी ‘बाजार और सही दाम’ को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक उत्पाद बेचने के लिए सभी कृषि मंडियों में विशेष वीआईपी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि किसानों को उनकी शुद्ध उपज का मनमाफिक दाम मिल सके। इसके साथ ही, प्रदेश की 7700 से अधिक गौशालाओं को इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पराली जलाने वाले किसानों को कमाई का नया रास्ता दिखाते हुए कहा कि अब पराली और कृषि अवशेषों से बायो-गैस व एथेनॉल बनाया जाएगा, जो किसानों के लिए एक्स्ट्रा इनकम का जरिया बनेगा।
इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उन जाबांज और प्रगतिशील किसानों की पीठ थपथपाई जिन्होंने रासायनिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती से मुनाफे का साम्राज्य खड़ा किया है। इनमें छोटेलाल, राजेश कुमार त्रिपाठी, आशीष कुमार, सुनील सिंह कटियार और फूल सिंह यादव शामिल रहे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत दिनेश कुमार और उमा सिंह को 5-5 लाख रुपये के आर्थिक सहायता चेक सौंपे, जबकि विपिन शुक्ला व आशीष कुमार को ‘श्री अन्न’ (सुपरफूड मिलेट्स) की खास किट भेंट की। मंच पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मुख्यमंत्री को गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की प्रसिद्ध पुस्तक ‘प्राकृतिक खेती’ भेंट की, जबकि जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बिठूर के माटी कलाकारों द्वारा बनाई गई मिट्टी की गुल्लक और ताम्र चित्र उपहार स्वरूप देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय, विधायक नीलिमा कटियार, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक महेश त्रिवेदी, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, राहुल बच्चा सोनकर, विधायक सरोज कुरील, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण, मंडलायुक्त के.विजयेंद्र पांडियन, पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ अभिनव जैन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



