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फर्जी शिक्षकों व कर्मचारियों पर कार्यवाही में ढिलाई पर चेतावनी

परिषदीय स्कूलों में मिले फर्जी शिक्षकों व कर्मचारियों पर कार्यवाही में लापरवाही बरतने वाले बेसिक शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सभी बीएसए को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। इसमें उन्होंने कहा कि जिले स्तर पर प्रशासन की तीन सदस्यीय समिति से भी फर्जी शिक्षकों की जांच कर उन पर कार्यवाही कराएं।

Story Highlights
  • जनपद में कई फर्जी शिक्षक एवं कर्मचारी हैं कार्यरत 

कानपुर देहात,अमन यात्रा  :  परिषदीय स्कूलों में मिले फर्जी शिक्षकों व कर्मचारियों पर कार्यवाही में लापरवाही बरतने वाले बेसिक शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सभी बीएसए को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। इसमें उन्होंने कहा कि जिले स्तर पर प्रशासन की तीन सदस्यीय समिति से भी फर्जी शिक्षकों की जांच कर उन पर कार्यवाही कराएं। उन्होंने जिलों से 30 सितंबर तक कार्यवाही का ब्योरा देने को कहा है। यह ब्योरा पूर्व निर्धारित गूगल फार्म पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय की ई-मेल आईडी पर उपलब्ध कराने हेतु जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये गये है। साथ ही अबतक उक्त सम्बन्धित कोई कार्यवाही न करने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सचेत करते हुए शासनादेश दिनांक 19 जुलाई 2018 एवं दिनांक 17 जून 2020 के अनुसार आवश्यक कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किये गये हैं।

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प्रदेश के कई जनपदों में फर्जी अभिलेखों से शिक्षकों के चयन से सम्बन्धित विभिन्न जांचे चल रहीं है, इसी क्रम में जनपद कानपुर देहात में भी कुछ शिक्षकों की फर्जी अभिलेखों से हुयी नियुक्तियों की जाॅच चल रही है। साथ ही सर्व शिक्षा अभियान कानपुर देहात में आउटसोर्सिंग एजेन्सी के माध्यम से पदस्थापित लेखाकार की फर्जी अभिलेखों के आधार पर पदस्थापना की शिकायत कई महीनों सेे चल रही है।शिकायतकर्ता संघप्रिय आनन्द पूर्व सहायक लेखाकार बीआरसी मलासा कानपुर देहात के अनुसार उन्होंने अपने 14 महीनों के अवशेष मानदेय दिलाने हेतु सेवा प्रदाता संस्था जन कल्याण परिषद एवं बीएसए आफिस के कई चक्कर लगाये।

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कई अधिकारियों को विभिन्न प्रत्यावेदन दिये आईजीआरएस संदर्भ योजित किये किन्तु लेखाकार द्वारा संदर्भों को फर्जी निस्तारित कराकर उनका मानदेय नही दिया गया। इसी दौरान लेखाकार की फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति की जानकारी होने पर दिनांक 06.01.2022 से  अबतक लगातार जनपद स्तरीय, मण्डल स्तरीय एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों तथा जनपदीय मंत्रीगणों के साथ ही बेसिक शिक्षामंत्री एवं मुख्यमंत्री आदि को सैकड़ों शिकायती पत्र, पंजीकृत डाक/ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराते हुए लेखाकार की फर्जी नियुक्ति की जाॅच कराने तथा अपना अवशेष मानदेय दिलाने की मांग की गयी। पुलिस अधीक्षक को एफआईआर दर्ज कराने हेतु पत्र प्रेषित किया गया। उसके अतिरिक्त जन सुनवाई पोर्टल पर विभिन्न आईजीआरएस सन्दर्भ पंजीकृत कराये गये जिनका फर्जी निस्तारण पोर्टल पर करा दिया गया। शिकायत की पुष्टि हेतु मांगे गये नोटरी हलफनामा भी उपलब्ध कराया गया किन्तु फर्जी नियुक्ति के सम्बन्ध में कोई जांच नही करायी गयी।

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साथ ही पंजीकृत पत्र दिनांक 09.04.2022 के द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कानपुर देहात से जन सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लेखाकार की नियुक्ति के समय कार्यालय को उपलब्ध कराये गए शैक्षिक एवं अन्य अभिलेखों के सम्बन्ध में सूचना/छायाप्रतियाॅ मांगी गयी। एडी बेसिक कानपुर एवं राज्य सूचना आयोग में अपील योजित की गयी फिर भी अब तक जन सूचना उपलब्ध नही करायी गयी। अवशेष मानदेय भी नही दिया गया और लेखाकार की फर्जी नियुक्ति की जाॅच भी नही करायी गयी। शासनादेश अनुसार शिकायत की पुष्टि हेतु नोटनी हलफनामा उपलब्ध कराने के बाद फर्जी नियुक्ति की जाॅच कराकर दोष सिद्ध होने पर दोषी कर्मचारी को पद से हटाये जाने, उनके द्वारा लिए गये मानदेय की वसूली करनी चाहिए एवं फर्जीफिकेशन में संलिप्त सेवा प्रदाता संस्था का अनुबन्ध समाप्त कर काली सूची में डाला जाना चाहिए। फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच करवाकर कार्यवाही की जानी चाहिए।

AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

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