मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ कब तक? फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर कानपुर की छात्रा आज्ञा कटियार का तीखा प्रहार
लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में सोमवार को लगी भीषण आग ने एक बार फिर देश की कोचिंग इंडस्ट्री पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्रों को पढ़ाने वाले ये संस्थान क्या वास्तव में सुरक्षा और बुनियादी मानकों का पालन करते हैं या नहीं? क्या इनके पास फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास, मेडिकल सहायता और वैध रजिस्ट्रेशन मौजूद होता है
- फायर सेफ्टी के नियमों का सख्ती से पालन हो
कानपुर। लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में सोमवार को लगी भीषण आग ने एक बार फिर देश की कोचिंग इंडस्ट्री पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्रों को पढ़ाने वाले ये संस्थान क्या वास्तव में सुरक्षा और बुनियादी मानकों का पालन करते हैं या नहीं? क्या इनके पास फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास, मेडिकल सहायता और वैध रजिस्ट्रेशन मौजूद होता है? हाल ही में 3 जून 2026 को दिल्ली के एक होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की जान चली गई थी और अब 22 जून 2026 सोमवार को लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई लेकिन हर बार इस पर चर्चा कुछ दिनों बाद ठंडी पड़ जाती है। देश में होटल, मॉल, स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों का कारोबार तेजी से बढ़ है लेकिन सरकार फायर सेफ्टी पर ध्यान नहीं दे रही है। लाखों छात्र रोजाना स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ने जाते हैं और उनके अभिभावक यह मानकर चलते हैं कि वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होंगे जबकि ऐसा होता नहीं है। अब जरूरत इस बात की है कि रजिस्ट्रेशन, फायर सेफ्टी, मेडिकल सहायता और शिकायत निवारण जैसे नियमों को कड़ाई से लागू किया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हर नए हादसे के बाद वही सवाल दोहराए जाएंगे और जवाब फिर भी अधूरे ही रह जाएंगे और लोग इसी तरह मरते रहेंगे। सरकार को शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, शॉपिंग मॉल और अन्य भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अग्निशमन के सख्त नियम सख्ती से लागू करने चाहिए ताकि छात्रों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
लेखिका परिचय:
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नाम: आज्ञा कटियार (कक्षा- 5)
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विद्यालय: यू.पी. किराना सेवा समिति बालिका विद्यालय, तात्याटोपे नगर, कानपुर।
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संपर्क सूत्र: 7268868788



