अमन यात्रा, कानपुर देहात। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत सामान्य शिक्षक भले ही अंतरजनपदीय तबादले के लिए तरस रहे हों लेकिन ऊंची पहुंच रखने वाले शिक्षकों का पिछले दरवाजे से बेधड़क तबादला हो रहा है। घरेलू समस्याओं, परिजनों के गंभीर रूप से बीमार होने समेत अन्य कारणों से अपने गृह जनपद या आसपास के जिले में तैनाती के लिए सैकड़ों परिषदीय शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं भी की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
ये भी पढ़े- अप्रैल में ही मिलेंगे जूते मोजे व यूनिफार्म के पैसे
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी हर बार तबादले की कोई नीति न होने का बहाना बनाकर इनके आवेदन निरस्त करते रहे लेकिन कुछ खास शिक्षकों को चुपके से मनपसंद जिले में भेज दिया गया।
ये भी पढ़े- मानहानि केस : राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द, ‘मोदी सरनेम’ पर टिप्पणी पड़ी गई भारी
हालांकि मानव संपदा पोर्टल ने इस खेल का खुलासा कर दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2019 में शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले की प्रक्रिया शुरू हुई थी और कानूनी लड़ाई के बाद मार्च 2021 में तैनाती मिल सकी थी। पूर्व के वर्षों में भी ऊंची पहुंच वाले शिक्षकों के नियम-कानून ताक पर रखकर ऑफलाइन तबादले होते रहे हैं।
कानपुर देहात। जनपद के थाना अमराहट क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है।रानीपुर गांव…
कानपुर देहात। जनपद में गुरुवार को एक नवविवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या…
भोगनीपुर, कानपुर देहात: भोगनीपुर तहसील के राणा प्रताप नगर मेन रोड चपरघटा में शुक्रवार, 4…
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश शासन के उपभोक्ता मामलों के अनुभाग दो द्वारा जारी एक…
कानपुर देहात, अमरौधा: अमरौधा विकासखंड कार्यालय में गुरुवार को एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ,…
कानपुर देहात: विधानसभा क्षेत्र भोगनीपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है।…
This website uses cookies.