कानपुर, अमन यात्रा । नगर निगम के वर्कशॉप विभाग में वाहनों को खरीदने और मरम्मत करने में नाम पर करोड़ों रुपये का खेल हो रहा है। मामला सामने आने पर अधिकारियों ने फाइल तलब कर ली हैैं। तीन साल में वर्कशॉप द्वारा खरीदे गए वाहन और मरम्मत में हुए खर्च की जांच हो तो बड़ा खेल सामने आएगा। यहां बिना जॉब कार्ड में चढ़े ही वाहनों की मरम्मत कराई जा रही है।

नगर निगम संयुक्त वाहन संघ ने भी डेढ़ साल पहले वर्कशॉप में हो रहे खेल की शिकायत की थी। नगर निगम कार्यकारिणी और सदन में भी मामला उठ चुका है। अब एक बार फिर लेखाकार द्वारा मामला पकड़े जाने से खलबली मची हुई है। अब विभागीय स्तर से जांच शुरू हो रही है। वर्कशॉप विभाग की ओर से हर साल करोड़ों रुपये के वाहन और हाथ कूड़ा गाड़ी खरीदी जाती है फिर भी वाहन खराब पड़े रहते है। वर्कशॉप है, लेकिन वाहन बाहर से ठीक कराए जाते हैं। हाथ कूड़ा गाड़ी मामूली खराबी के चलते रखी हुई है। इनको ठीक कराया जा सकता है। नगर निगम के पार्क, डंप हाउस और कार्यालयों में हाथ कूड़ा गाड़ी और कंटेनर पड़े हुए हैं। इनको ठीक कराके प्रयोग में लाया जा सकता है।

इसके अलावा वाहनों को ठीक करने के लिए पूर्जे खरीदी जाते हैं, जबकि स्टोर में सामग्री भरी हुई है। खरीदी गयी सामग्री के दामों की जांच मार्केट में हो रही बिक्री से कराने पर एक बड़ा खेल सामने आएगा। संयुक्त वाहन संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने डेढ़ साल पहले वर्कशॉप में हो रहे खेल की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि नई हाथ कूड़ा गाड़ी आते ही खराब हो गयी। कुछ गिने चुने ही ठेकेदार काम करते हैं। इतना ही नहीं कई फर्म काली सूची में होने के बाद भी नाम बदलकर काम कर रही है। 20 नए कंपैक्टर खरीदी गए थे जो आते ही खराब हो गए। पांच साल में हुई एक-एक खरीदारी और खरीदे गए सामग्री की जांच हो जाए तो खेल खुद सामने आ जाएगा। महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि वाहनों को खरीदने और मरम्मत करने में होने वाले घोटाले की जांच कराई जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई होगी।