वहीं दूसरी तरफ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज देश का किसान खुशहाल है. किसानों की खुशहाली पहले भी लाई जा सकती थी, लेकिन पहली की सरकारों के पास समय नहीं था. परिवार, जातिवाद, क्षेत्र और भाषा के नाम पर भेदभाव करना अपनी राजनीतिक जीवन का उद्देश्य बना दिया है. ऐसे लोगों से गांव, किसानों, नौजवानों के लिए रोजगार के विकास की उम्मीद नहीं कर सकते.
यूपीए शासन में सबसे ज्यादा किसानों ने की आत्महत्या- योगी
सीएम ने आगे कहा कि 2004 से 14 के बीच प्रदेश और देश में किसानों ने सबसे ज्यादा आत्महत्याएं की. क्योंकि किसानों को बीज, बिजली, खाद नहीं मिलता था. अनाज का दाम भी नहीं मिलता था. गन्ना किसानों को कई सालों तक उनका भुगतान नहीं मिलता था. निराश किसान कर्ज के नीचे दब चुका था. उसके सामने पलायन, आत्महत्या के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा था. फिर माफियाओं को किसानों, गरीबों की जमीनों पर कब्जे के लिए प्रेरित किया जाता था. अब किसानों की जमीनों को मुक्त कराया जा रहा है. माफियाओं के ठिकानों पर बुल्डोजर चलाया जा रहा है. जिन लोगों को खेती-किसानी की जानकारी नहीं, जिनको देश की प्रगति अच्छी नहीं लगती. जिन्हें किसानों के चेहरे की खुशहाली उनकी समृद्धि अच्छी नहीं लगती. वे लोग तमाम प्रकार के षड़यंत्र कर रहे हैं.
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