ब्रजेन्द्र तिवारी , पुखरायां। भोगनीपुर तहसील के पुखरायां कस्बा स्थित बर्तन बाज़ार में बीते 06 अप्रैल से अनवरत जारी नव दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन बुधवार को कथावाचक पंडित विमलेश त्रिवेदी ने श्रोताओं को भगवान श्रीराम वनवास की कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। पुखरायां कस्बे के बर्तन बाज़ार में श्रीराम कथा के सातवें दिन कथा का वर्णन करते हुए कथावाचक विमलेश त्रिवेदी ने कहा कि जिस समय माता कैकेई ने प्रभ श्रीराम को यह बताया कि हमने तुम्हारे पिता से दो वरदान मांगे ।
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प्रथम वरदान में अपने भरत के लिए राज्य मांगा है इसलिए अब तुम राजा नहीं बनोगे।और दूसरे वरदान में हमने तुम्हारे लिए चौदह वर्ष का वनवास मांगा है।अतः अब तुम्हे चौदह वर्ष वन में रहना पड़ेगा।यह दोनो वरदान की बात सुनकर प्रभु श्रीराम हांथ जोड़कर माता कैकेई से बोले कि मां यह दोनो वरदान राम के हित में ही हैं। हमारी तो पहले से ही यह प्रबल इच्छा थी कि हमारी जगह मेरा छोटा भाई भरत राजा बने।कथा को सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।
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कथा का समापन 14 अप्रैल को होगा तथा 15 अप्रैल को कथा के समापन के अवसर पर हवन पूजन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया जायेगा तथा रात्रि के समय में कानपुर की क्रांतिमाला तथा रायबरेली की राजू रंगीला संगीत पार्टी की ओर से जवाबी कीर्तन कार्यक्रम का भी आयोजन किया जायेगा।इस मौके पर परीक्षित ध्रुव ओमर,श्याम जी ओमर, संजय गुप्ता, अमित गुप्ता, आशीष गुप्ता, विनि ओमर, लल्लू लाल,बबलू गुप्ता, कन्हैया गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।
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