उत्तरप्रदेशफ्रेश न्यूज

चंदौली की हाट सीट पर सपा प्रत्याशी विरेन्द्र सिंह का कब्जा

सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना शुरु हुई। चंदौली संसदीय सीट के लिए शुरूआती रूझान में जो मुकाबला कांटे का लग रहा था वह 19वें राउंड के बाद शाम 7 बजे तक एकतरफा होने लगा और 26वें राउंड की गिनती के बाद आइएनडीआए के सपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह ने भाजपा प्रत्याशी डा. महेंद्रनाथ पांडेय से 21565 मतों की बढ़त बना ली

चंदौली। सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना शुरु हुई। चंदौली संसदीय सीट के लिए शुरूआती रूझान में जो मुकाबला कांटे का लग रहा था वह 19वें राउंड के बाद शाम 7 बजे तक एकतरफा होने लगा और 26वें राउंड की गिनती के बाद आइएनडीआए के सपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह ने भाजपा प्रत्याशी डा. महेंद्रनाथ पांडेय से 21565 मतों की बढ़त बना ली। इसके बाद सपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज कर परचम लहरा दिया। इसके बाद भाजपाई भी समझ गए कि अब मुकाबले में लौटना मुश्किल है।

क्योंकि सैयदराजा व सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र का महज एक राउंड जबकि मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के पांच राउंड की गिनती शेष रह गई थी। ऐसे में सपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह की जीत हो गई। राजनीतिक पंडितों की माने तो इस बार के चुनाव में विकास के बजाय जातीय समीकरण हावी रहा और भाजपा अपने परंपरागत वोटों में सेंधमारी को रोक पाने में पूरी तरह से असफल साबित हुई।

नाराजगी पड़ी भारी – राजपूतों वोटरों की नाराजगी के साथ ही बिंद, कुशवाहा, चौहान समाज के मतदाताओं को वीरेंद्र सिंह अपने पक्ष में करने सफल रहे। जबकि थोड़ी ही संख्या में ही सही नाराज ब्राह्मण मतदाताओं को अपने पाले में करने में भाजपा सफल नहीं हो पाई। यादव व अल्पसंख्यक समुदाय ने बढ़.चढ़कर इस मतदान में हिस्सा लिया था। जिसका असर चुनाव परिणाम पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

हालांकि राशन, आवास व उज्जवला जैसी योजनाओं का लाभ भाजपा को मिला और दलित मतदाताओं ने भी भाजपा को समर्थन किया। लेकिन अधिकांश दलित मतदाताओं ने बसपा प्रत्याशी सत्येंद्र कुमार मौर्य के ही पक्ष में मुहर लगाई। यह दलित सहित मौर्य बिरादरी से लगभग डेढ़ लाख मत पाए, जिसका असर चुनाव परिणाम पर भी पड़ा।

Print Friendly, PDF & Email
anas quraishi
Author: anas quraishi

SABSE PAHLE

Related Articles

AD
Back to top button