कानपुरउत्तरप्रदेशफ्रेश न्यूज

मनुष्य का चरित्र उसकी अनमोल धरोहर कही जाती है : सुजीत कुन्तल 

आज डी.बी.एस. कॉलेज कानपुर के हिंदी- अंग्रेजी विभाग द्वारा तथा भारत उपन्यास के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना से किया गया।

सुशील त्रिवेदी,  कानपुर। आज डी.बी.एस. कॉलेज कानपुर के हिंदी- अंग्रेजी विभाग द्वारा तथा भारत उपन्यास के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना से किया गया।

सर्वप्रथम कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि केंद्रीय अध्यक्ष भारत उत्थान न्यास श्री सुजीत कुंतल ने चरित्र निर्माण पर बातचीत करते हुए वाक्- कौशल का छात्रों के जीवन में उपयोग व महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मनुष्य का चरित्र उसकी अनमोल धरोहर होती है। हमारी राष्ट्रीय परंपरा में चरित्र का सदैव उच्च स्थान रहा है। चरित्र के दो पहलू होते हैं। एक वैयक्तिगत है और दूसरा वह जो हमारे और समाज के पारस्परिक संबंधों के रूप में प्रकट होता है। चरित्र के ये दोनों पहलू निर्दोष एवं पवित्र होने चाहिए। चरित्र का गठन अच्छे विचार और अच्छे कार्यों से होता है। इसलिए इच्छा न होते हुए भी मन को सत्कार्य करने के लिए विवश करें जिससे एक महान पुरूष के वास्तविक चरित्र का निर्माण हो सके।

मनुष्य व्यक्तिगत स्तर पर अपना विकास करे, अपनी क्षमताऐं बढ़ाये, अपनी इच्छा एवं आवश्यकताओं की पूर्ति करने का सामर्थ्य जुटाये यह सब आवश्यक है। व्यक्तिगत रूप से शरीर स्वस्थ, सुंदर, बलवान, प्राण बलवान एवं संतुलित हो, मन एकाग्र, शांत, बुद्धि तेजस्वी और विवेकपूर्ण हो इसके लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। कठिन परिस्थितियों में मनुष्य की परीक्षा होती है यही वह समय होता है जब व्यक्ति प्रगति की ओर अग्रसर होता है। यह हर पल याद रखने की आवश्यकता है कि हमारे उद्देश्य ‘मानव सभ्यता’ के सामाजिक और आध्यात्मिक विकास हेतु है।

इसके उपरांत न्यास की केंद्रीय मंत्री डॉ अनीता निगम ने व्यक्तित्व विकास के लिए विद्यार्थियों का मार्ग प्रशस्त किया। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो नीलम वाजपेई ने छात्र जीवन में व्यक्तित्व निर्माण के विभिन्न पहलुओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो रंजना श्रीवास्तव ने जीवन के विभिन्न पड़ावों में चरित्र निर्माण की आवश्यकता व उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके माध्यम से जीवन के उच्च शिखर पर पहुंचा जा सकता है। कार्यक्रम में डॉ सीमा निगम, डॉ प्रत्यूष वत्सला द्विवेदी, डॉ रश्मि दुबे, डॉ अर्चना शुक्ला, डॉ मंजू अवस्थी, डॉ अनीता सिंह, डॉ हेमलता सांगुडी, डॉ प्रीति सिंह, डॉ साधना अग्रवाल, डॉ शिखा सक्सेना, डॉ सी.पी सिंह, मोनिका गुप्ता व शेषनारायण सिंह आदि उपस्थित रहे।

Print Friendly, PDF & Email
AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

SABSE PAHLE

Related Articles

AD
Back to top button