अपना जनपदउत्तरप्रदेशवाराणसी

चकिया: आखिरकार वन विभाग खनन करने वाले ग्राम प्रधान पर क्यूं है मेहरबान,पढ़े खबर

लतीफशाह पूर्वी छोर स्थित पहाड़ का किनारा जेसीबी के माध्यम से कौड़िहार ग्राम प्रधान द्वारा काटकर पास में ही बने हाट बाजार व टीनशेड़ निर्माण कार्य में ऊंचे दामों पर बेच दिया गया। ग्राम प्रधान द्वारा बगैर अनुमति के वन भूमि पहाड़ काटकर यह खेल तो किया ही गया, लेकिन पहाड़ किनारे बने हाट बाजार व टीनशेड़ भी वन भूमि में बगैर अनुमति अवैध तरीके से बना दिया गया है।

आखिरकार वन विभाग खनन करने वाले ग्राम प्रधान पर क्यूं है मेहरबान, अभी तक नहीं हुई कोई कार्रवाई

-बगैर अनुमति के जेसीबी द्वारा पहाड़ काटकर बेच दिया गया मिट्टी

-कई बार खबर प्रकाशित करने के बाद भी नहीं खुल रही वन विभाग के आला अधिकारियों की नींद

-लतीफशाह पूर्वी छोर स्थित पहाड़ किनारे किया गया है खनन

चकिया, चंदौली। लतीफशाह पूर्वी छोर स्थित पहाड़ का किनारा जेसीबी के माध्यम से कौड़िहार ग्राम प्रधान द्वारा काटकर पास में ही बने हाट बाजार व टीनशेड़ निर्माण कार्य में ऊंचे दामों पर बेच दिया गया। ग्राम प्रधान द्वारा बगैर अनुमति के वन भूमि पहाड़ काटकर यह खेल तो किया ही गया, लेकिन पहाड़ किनारे बने हाट बाजार व टीनशेड़ भी वन भूमि में बगैर अनुमति अवैध तरीके से बना दिया गया है। इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों व क्षेत्रीय कर्मचारियों को रहने के बाद भी कोई एक्शन अभी तक नहीं लिया गया। जिससे खनन करने वाले ग्राम प्रधान सहित अन्य खनन माफिया का मनोबल दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। स्थानीय वन विभाग के अधिकारी भी इस सवाल का जवाब देने से पूरी तरह आनाकानी करते नजर आ रहे हैं।

बतादें कि केंद्र व प्रदेश सरकार जहां लाखों, करोड़ों रुपया खर्च कर प्रत्येक वर्ष वन संपदा को संरक्षित करने में जुटी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ सरकार के मंसूबों पर पानी फेरते हुए अपनी मोटी कमाई के चक्कर में वन भूमि में अवैध कब्जा, पहाड़ कटान, अवैध खनन सहित तमाम हथकंडे अपनाने में लगे हुए हैं। आलम यह है कि स्थानीय वन विभाग के अधिकारी भी अपनी आंखों पर काली पट्टी बांधकर सोए हुए हैं। जिससे क्षेत्रीय खनन माफियाओं व अवैध कार्यो को अंजाम देने वालों का मनोबल दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।

कुछ ही महीने पहले लतीफशाह पूर्वी छोर स्थित पहाड़ किनारे हाट बाजार व टीनशेड़ का निर्माण कराया गया। हॉट बाजार व टीनशेड़ बगैर वन विभाग के अनुमति के ही बना दिया गया। यहां तक तो वन विभाग की माने तो ठीक था, लेकिन हाट बाजार व टीनशेड़ निर्माण में प्रयुक्त होने वाली मिट्टी पास में स्थित पहाड़ के किनारों को कौड़िहार ग्राम प्रधान द्वारा खुद की जेसीबी लगाकर बकायदा काट कर बेंच दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि पहाड़ का किनारा काटकर ग्राम प्रधान द्वारा हाट बाजार व टीनशेड़ निर्माण के दौरान ऊंचे दामों पर मिट्टी को बेचा गया। हाट बाजार व टीनशेड़ अवैध निर्माण, पहाड़ काटकर मिट्टी बेचे जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद भी जनपद व स्थानीय अधिकारी एक्शन लेने में पूरी तरह नाकाम दिख रहे हैं। बगैर अनुमति के हाट बाजार टीनशेड़ निर्माण का कारनामा स्थानीय वन विभाग के आलाधिकारी व क्षेत्रीय अधिकारी पूरी तरह जानने के बाद भी इस पर अपना रुख अख्तियार नहीं किये। जिससे जग जाहिर होता है कि मिट्टी खनन करने वाले से लेकर वन विभाग के अधिकारी भी मोटी मलाई काटकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

  • जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने कहा कि मामले की जांच उच्चाधिकारियों से कराई जाएगी, जो भी अधिकारी व कर्मचारी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएफओ रामनगर ने बताया कि मामला संज्ञान में आ चुका है, जांच की जा रही है।


Discover more from अमन यात्रा

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Articles

AD
Back to top button

Discover more from अमन यात्रा

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading