अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में प्रवेश को बनेंगे तीन द्वार, पर्यटक केहरीपुर, मकोनिया व पीलीबांध से कर सकेंगे प्रवेश
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में वन विभाग जुट गया है। साढ़े नौ हजार हेक्टेयर में फैले अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटकों का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा। तीन प्रवेश द्वार भी बनेंगे। एक गेट केहरीपुर, दूसरा मकोनिया और तीसरा पीली बांध में बनेगा। गेस्ट हाउस निर्माण के लिए वन विभाग की टीम ने जमीन भी चिह्नित कर ली है।

बिजनौर, अमन यात्रा । अमानगढ़ टाइगर रिजर्व को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में वन विभाग जुट गया है। साढ़े नौ हजार हेक्टेयर में फैले अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटकों का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा। तीन प्रवेश द्वार भी बनेंगे। एक गेट केहरीपुर, दूसरा मकोनिया और तीसरा पीली बांध में बनेगा। गेस्ट हाउस निर्माण के लिए वन विभाग की टीम ने जमीन भी चिह्नित कर ली है।
बाघ के अलावा कई अन्य जानवर करते हैं स्वच्छंद विचरण
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ के अलावा हाथी, गुलदार, हिरन समेत कई अन्य जानवर स्वच्छंद विचरण करते हैं। पिछली वन्य जीव गणना में 24 बाघों की उपस्थिति दर्ज किए जाने के साथ-साथ 82 हाथी चिह्नित किए गए थे। इसके अलावा टाइगर रिजर्व में सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली सूकर विचरण करते हैं। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के रेंजर आरके शर्मा ने बताया कि 9,500 हेक्टेयर क्षेत्र को पर्यटन जोन में विकसित किए जाने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। पर्यटन जोन में प्रवेश के लिए एक द्वार केहरीपुर, दूसरा मकोनिया ओर तीसरा पीली बांध में बनाया जाना प्रस्तावित है। वहीं पर्यटकों के ठहराव के लिए गेस्ट हाउस, खानपान के लिए कैफिड एरिया एवं क्षेत्र में भ्रमण की व्यवस्था का प्रस्ताव भी शामिल है। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के एसडीओ हरि सिंह ने बताया कि पर्यटन जोन में पर्यटन की तमाम गतिविधियां संचालित किए जाने की कार्ययोजना तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है।
युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के पर्यटन जोन में तब्दील होने के बाद जंगल से सटे ग्राम केहरीपुर, कासमपुर गढ़ी समेत 20 से अधिक गांव के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। वहीं क्षेत्र का चहुंमुखी विकास होगा। डीएफओ डा. एम सेम्मारन बताते हैं कि गेस्ट हाउस, खानपान के लिए कैफिड एरिया बनने के बाद युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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