आचार्य ने श्रोताओं को केवट प्रसंग की कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हुए
कस्बे के बर्तन बाज़ार स्थित रुद्रावतार हनुमान मंदिर में विगत 06 अप्रैल से अनवरत चल रही नव दिवसीय श्रीराम कथा में गुरुवार को चित्रकूट धाम से आए आचार्य विमलेश त्रिवेदी ने श्रोताओं को केवट प्रसंग की कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।

- कथा का समापन 14 अप्रैल एवं 15 अप्रैल को विशाल भंडारे का आयोजन
अमन यात्रा ,पुखरायां। कस्बे के बर्तन बाज़ार स्थित रुद्रावतार हनुमान मंदिर में विगत 06 अप्रैल से अनवरत चल रही नव दिवसीय श्रीराम कथा में गुरुवार को चित्रकूट धाम से आए आचार्य विमलेश त्रिवेदी ने श्रोताओं को केवट प्रसंग की कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। पुखरायां कस्बे के वर्तन बाजार स्थित रुद्रावतार हनुमान मंदिर में गुरुवार को श्रीराम कथा का वर्णन करते हुए आचार्य विमलेश त्रिवेदी ने कहा कि हर मनुष्य को निष्टकाम होकर भगवान की भक्ति करनी चाहिए।भक्त केवट भगवान की निष्टकाम भक्ति कर भगवान श्रीराम को प्रसन्न कर लेता है।
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श्रीराम कथा में जितने भी पात्र हैं उन सभी ने भगवान श्रीराम से कुछ न कुछ मांगा लेकिन भक्त केवट ने कुछ भी नहीं मांगा। भगवान देते भी रहे लेकिन भक्त केवट ने कुछ भी नहीं लिया। और जो साधक भगवान से कुछ नहीं मांगता उससे भगवान मांगते हैं कि भक्त आप हमसे कुछ ले लो। भगवान श्रीराम केवट से नाव मांगते है परंतु केवट नाव नहीं लाता है और कहता है भगवन आपके चरण रज में मनुष्य बनाने की शक्ति है अतः आप पहले अपने चरण जल से धुला लीजिए फिर मैं आपको अपनी नौका से गंगा जी के उस तट पर छोड़ दूंगा। तब भगवान श्रीराम प्रसन्न होकर केवट को अपने चरण धोने की अनुमति प्रदान करते हैं तब केवट भगवान श्रीराम के पावन चरणों को धोकर अपनी नौका में बिठाकर गंगा जी के उस तट पर छोड़ता है और प्रणाम करता है।
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कथा को सुनकर भक्त भावविभोर हो जाते है। कथा का समापन 14 अप्रैल को होगा तथा 15 अप्रैल को कथा के समापन के अवसर पर हवन पूजन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया जायेगा। इस मौके पर परीक्षित ध्रुव ओमर, श्याम जी ओमर,संजय गुप्ता, अमित गुप्ता, आशीष गुप्ता, विनि ओमर, लल्लू लाल, बबलू गुप्ता, कन्हैया गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।
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