विकास सक्सेना , औरैया। निराशा में आशा का दीप जलवा दे, असंभव को संभव बना दे इसलिए डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया गया है। फिल्मों में हीरो शायद बिलेन से लड़ाई करके अपना दिल जीत लेते हो लेकिन असली सुपर हीरो तो एक डॉक्टर ही होता है। व्यक्ति की धर्म,जाति, लिंग की चिंता किए बगैर पूरी शिद्दत से कोरोना काल में जान बचाने में अपना पूरा योगदान देने वाले डॉक्टर की असल कीमत जिले को तब समझ में आई जब कोरोना महामारी पूरे जिले को ही नहीं पूरी दुनिया को अपने कब्जे में कर लिया था।
जब चारों तरफ सिर्फ अंधेरा था तो हर किसी के ऊपर दुख के बादल मंडरा रहे थे जब औरैया जिले के एक डॉक्टर ओमवीर सिंह ने एक झलक सभी जिले वासियों को सुकून देती थी, अपने परिवार से दूर रहकर अपनी जान की चिंता किए बगैर डॉक्टर ओमवीर ने इंसानियत की मिसाइल कायम करी। इस महामारी के बीच कई डॉक्टरों ने हमारी सुरक्षा के लिए प्राण भी गवा दिए और मुझे यह कहने से बिल्कुल भी झिझक नहीं होगी कि डॉक्टर ओमवीर ने तन मन धन से लोगों की मदद की जब इसकी जानकारी इन इनफ्लुएंसर बुक आप रिकॉर्ड के जयेश भट्ट व महिमा जैन के कानों में गूंजी तब डॉक्टर ओमवीर अपने क्लीनिक पर मरीजो का हाल-चाल ले रहे थे तभी मोबाइल की घंटी घन घना उठी और डॉक्टर ओमवीर को जयपुर के इंटरनेशनल सेंटर में मंच पर अवार्ड देने के लिए कहा गया।
जिले के विख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉक्टर ओमवीर सिंह का नाम इनफ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। डॉक्टर सिंह को कोरोना काल में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में खिताब दिया गया उन्होंने करोना काल में अपना जीवन समाज सेवा के क्षेत्र में निछावर कर के लोगों की मदद करते रहे इसलिए यह अवार्ड, प्रमाण पत्र,मेडल देकर चीफ एडिटर इनफ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड जयेश भट्ट, महिमा जैन ने सम्मानित किया।