इस बार किस तारीख को दिखेगा रमजान का चांद, जानिए- मौलाना राशिद फिरंगी महली की जुबानी
रमजान का महीना एक बार फिर कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच पड़ रहा है. इस साल 12 अप्रैल को चांद नजर आने की उम्मीद है. रमजान इस्लाम के पांच स्तंभों में से मुसलमानों के लिए एक है. सुरक्षा के मद्देनजर मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना राशिद फिरंगी महली ने मुसलमानों से खास अपील की है.

एक बार फिर कोरोना काल में रमजान का महीना
चांद नजर आने पर इस्लामी कैलेंडर का नया महीना शुरू हो जाता है. इस साल रमजान 12 अप्रैल, दिन सोमवार को शुरू होकर 12 मई तक रहेगा. अगर चांद 12 अप्रैल को चांद नहीं दिखाई देता है, तब पहला रोजा 14 अप्रैल को रखा जाएगा. रमजान का महीना खुद को संयमित और अनुशासित बनाए रखने का नाम है. महीने के आखिरी दस दिनों के दौरान पांच विषम नंबर की रातों में से एक ‘लैलतुल कद्र’ पड़ता है. रमजान का महीना खत्म होने पर ईद का चांद नजर आता है यानी चांद के दिखाई देने की पुष्टि होने पर ईद की तारीख का एलान होता है.
लेकिन इस बार का रमजान भी पिछले साल की तरह बहुत ज्यादा अलग नहीं है. फर्क सिर्फ इतना है कि पिछले साल पूरी तरह लॉकडाउन के साये में रमजान और ईद बीता था, लेकिन इस बार कुछ जगहों पर नाईट कर्फ्यू या सप्ताहांत पर मिनी लॉकडाउन देखने को मिल रहा है. कोरोना महामारी के बीच शुरू हो रहे महीने को देखते हुए मुस्लिम धर्म गुरुओं ने मुसलमानों को खास संदेश दिया है. बयान में मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने रमजान के दौरान कोविड नियमों का पालन करने की अपील की है.
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अपील
- कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और नाइट कर्फ्यू को देखते हुए ही पवित्र महीने में इबादत की जाए.
- सभी मस्जिदों में कोविड-19 नियमों का पालन हो, किसी मस्जिद में 100 से ज्यादा लोग इकट्ठा ना हों.
- मस्जिदों में मास्क, सेनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन जरूर सुनिश्चित किया जाए.
- सेहरी में लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने से बचें, सेहरी और इफ्तार में कोरोना के खात्मे की दुआ करें.
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