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शिक्षक बनेंगे हेल्थ एंबेसडर, बच्चे होंगे मैसेंजर

सरवनखेड़ा विकासखंड में आयुष्मान भारत के तहत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गजनेर में द्वितीय बैच के 40 शिक्षकों का प्रशिक्षण पूर्ण हुआ। प्रशिक्षण के चतुर्थ दिवस मे प्रतिभागियों को डॉ पुनीत पाण्डेय चिकित्साधिकारी सीएचसी गजनेर, हर्ष मोहन सचान स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सरवनखेड़ा, डॉ प्रमोद कुमार तिवारी टीम लीडर आरबीएसके सरवनखेड़ा एवं संजय कुमार शुक्ला एआरपी ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए।

राजेश कटियार , कानपुर देहात। सरवनखेड़ा विकासखंड में आयुष्मान भारत के तहत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गजनेर में द्वितीय बैच के 40 शिक्षकों का प्रशिक्षण पूर्ण हुआ। प्रशिक्षण के चतुर्थ दिवस मे प्रतिभागियों को डॉ पुनीत पाण्डेय चिकित्साधिकारी सीएचसी गजनेर, हर्ष मोहन सचान स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सरवनखेड़ा, डॉ प्रमोद कुमार तिवारी टीम लीडर आरबीएसके सरवनखेड़ा एवं संजय कुमार शुक्ला एआरपी ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। डॉ पुनीत ने प्रतिभागियों से कहा कि आप सभी जानते हैं कि बचपन और किशोरावस्था महत्वपूर्ण जीवन चरण है जो जानकारी और विचारों को अवशोषित करने और संसाधित करने के लिए विकास के आधार होते हैं जो उनके अपने व्यवहार में सुधार करना आसान बनाते हैं इसलिए आप सभी इन आयु समूहों के साथ काम करके उनको बेहद फायदेमंद शिक्षा देंगे और भविष्य में इस समूह को सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
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जिससे स्वस्थ्य समाज का निर्माण होगा। उन्होंने आगे कहा कि जिन शिक्षकों और छात्र छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या होने पर सीएचसी गजनेर में उपचार प्राप्त कर सकते हैं। यहां पर जनसमुदाय को हर प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। हर्ष मोहन सचान ने कहा कि आप विद्यालय में छात्र-छात्राओं को बताएं कि हिंसा, दुर्व्यवहार एवं असुरक्षित परिस्थितियों से किस प्रकार सुरक्षित रखने हेतु प्रभावशाली तरीकों को अपनायें। बच्चे अपने खिलाफ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ रिपोर्ट कर सकते हैं। भारत सरकार ने बच्चों के लिंग शोषण के मामले में बच्चों का समर्थन करने के लिए प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रन फ्राम सेक्शुअल आफेंस एक्ट कानून बनाया है। इसकी जानकारी बच्चों को दें। डॉ प्रमोद तिवारी ने कहा कि आरबीएसके की टीम 47 प्रकार की बीमारियों का स्क्रीनिंग छात्र छात्राओं की करती है। यदि आपके स्कूल में किसी भी बच्चे को कोई समस्या हो तो तत्काल मुझे और मेरी टीम को अवगत कराएं। बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।
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एआरपी संजय कुमार शुक्ला ने शिक्षकों से कहा कि मनुष्य ने हमेशा संचार के विभिन्न तरीकों का उपयोग करने की कोशिश की है। जनसंचार के माध्यम से जागरूकता आती है लेकिन यह सारी जानकारियां सच या विश्वसनीय नहीं होती है। आप लोग बच्चों को विश्वसनीय और नकली जानकारी की पहचान करना बताएं। बच्चों से कहें कि विभिन्न ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करते समय कंप्यूटर से दूरी 50 सेंटीमीटर, टेबलेट से दूरी 40 सेंटीमीटर एवं स्मार्टफोन से दूरी 30 सेंटीमीटर से कम नहीं होनी चाहिए। प्रशिक्षण में चंद्रवीर पाल शैलेश त्रिपाठी अनुराग सचान विनय कुमार रंजना वर्मा हंसराज स्नेहा त्रिपाठी पूर्णिमा सिंह गीता संखवार कंचन मिश्रा सुरेश गुप्ता रश्मि शर्मा राधा देवी संजय सिंह देवेन्द्र सिंह रूपा मिश्रा प्रीती कटियार प्रशांत त्रिपाठी दिनेश सिंह धीरेंद्र सिंह सत्येन्द्र कुमार शिवसुत आदि उपस्थित रहे।
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Author: AMAN YATRA

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