ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में शिक्षक हुए लामबंद हिटलरशाही फरमान हुआ वापस

परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की डिजिटल उपस्थिति शुरू नहीं हो सकी। महानिदेशक का आदेश आने के बाद से ही शिक्षक संगठन विरोध पर उतर आए थे। सभी ने बहिष्कार का ऐलान कर दिया था। मंगलवार को प्रदेश भर के परिषदीय विद्यालयों में एक भी शिक्षक ने डिजिटल उपस्थिति नहीं दी। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के आह्वान पर मंगलवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के समस्त शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, कर्मचारियों के संगठनों ने संयुक्त बैठक कर अव्यावहारिक ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में 'संयुक्त संघर्ष मोर्चा' का गठन किया

लखनऊ/कानपुर देहात। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की डिजिटल उपस्थिति शुरू नहीं हो सकी। महानिदेशक का आदेश आने के बाद से ही शिक्षक संगठन विरोध पर उतर आए थे। सभी ने बहिष्कार का ऐलान कर दिया था। मंगलवार को प्रदेश भर के परिषदीय विद्यालयों में एक भी शिक्षक ने डिजिटल उपस्थिति नहीं दी। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के आह्वान पर मंगलवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के समस्त शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, कर्मचारियों के संगठनों ने संयुक्त बैठक कर अव्यावहारिक ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में ‘संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ का गठन किया। बैठक में प्रदेश के लगभग समस्त संगठनों की तरफ से ऑनलाइन उपस्थिति का पुरजोर विरोध करते हुए जनपद और प्रदेश स्तर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में उ०प्र० जूनियर हाई स्कूल संघ के अध्यक्ष योगेश त्यागी, उ०प्र० प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुशील पाण्डेय, अटेवा के अध्यक्ष एवं एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पेंशन पुरुष विजय कुमार बंधु, टीएससीटी के प्रदेश अध्यक्ष विवेकानन्द, महिला शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्षा सुलोचना मौर्य, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी, उ० प्र० शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला, बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र यादव, अंतर्जनपदीय शिक्षक एसोसिएशन से प्रदेश अध्यक्ष कमलेश पाण्डेय, यूटा प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर, परिषदीय अनुदेशक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, पूर्व माध्यमिक अनुदेशक समिति के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पटेल, उ०प्र० बीटीसी शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल यादव अपने-अपने संगठन के साथ संयुक्त रूप से मोर्चा में शामिल हुए। सभी ने ऑनलाइन अटेंडेंस का एक साथ पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया। इसकी जानकारी जब मीडिया के माध्यम से उच्च स्तर तक पहुंची तो मुख्यमंत्री ने तुरंत ही बैठक बुलाई और ऑनलाइन अटेंडेंस के फरमान को अग्रिम आदेशों तक के लिए निरस्त कर दिया है।

Author: anas quraishi

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