उत्तरप्रदेशकानपुर देहातफ्रेश न्यूज

ऑनलाइन उपस्थिति को प्रियंका गांधी ने बताया अव्यवहारिक

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने शिक्षकों के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस का आदेश जारी किया है जिसका सभी शिक्षक विरोध कर रहे हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि शिक्षकों पर बेवजह दबाव बनाया जा रहा है। शिक्षकों की मांग जायज हैं क्योंकि ज्यादातर स्कूल सुदूर ग्रामीण एवं दुर्गम इलाकों में हैं। शिक्षकों को घर से 70-80 किलोमीटर दूर तक जाना होता है। कहीं परिवहन की समस्या, कहीं क्रॉसिंग, कहीं जाम, कभी बारिश, कभी अन्य बाधाएं

Story Highlights
  • ऑनलाइन हाजिरी मामले में शिक्षकों के तर्ज जायज - प्रियंका गांधी

कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने शिक्षकों के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस का आदेश जारी किया है जिसका सभी शिक्षक विरोध कर रहे हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि शिक्षकों पर बेवजह दबाव बनाया जा रहा है। शिक्षकों की मांग जायज हैं क्योंकि ज्यादातर स्कूल सुदूर ग्रामीण एवं दुर्गम इलाकों में हैं। शिक्षकों को घर से 70-80 किलोमीटर दूर तक जाना होता है। कहीं परिवहन की समस्या, कहीं क्रॉसिंग, कहीं जाम, कभी बारिश, कभी अन्य बाधाएं। आदेश जारी करने में इन परिस्थितियों का ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि क्या ऑनलाइन अटेंडेंस से ही स्कूली शिक्षा की समस्याएं खत्म हो जाएंगी ? शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी, पोलियो ड्यूटी, कोरोना ड्यूटी, तमाम तरह के सर्वे करने, रैलियों में भीड़ बढ़ाने, जैसे अनगिनत गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझाया जाता है। स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, कहीं शिक्षकों की कमी, कहीं भवन नहीं, कहीं फर्नीचर नहीं, कहीं बिजली नहीं, कार्यालय संबंधी सुविधाएं नहीं, हाफ डे अवकाश नहीं, पेड लीव नहीं, राज्य कर्मचारियों की तरह मेडिकल सुविधा नहीं, मदद के लिए स्टाफ नहीं। इन समस्याओं का समाधान निकाले बगैर अव्यवहारिक आदेश जारी करना शिक्षकों को भावनात्मक व मानसिक चोट पहुंचाना है। योगी सरकार को शिक्षकों पर संदेह करने की जगह ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए कि शिक्षक, सुधार के लिए खुद प्रेरित हों। अगर सरकार शिक्षा जगत में सुधार चाहती है तो शिक्षकों की आवाज सुननी चाहिए एवं उनकी समस्याओं का निराकरण करना चाहिए।

anas quraishi
Author: anas quraishi

SABSE PAHLE


Discover more from अमन यात्रा

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Articles

AD
Back to top button

Discover more from अमन यात्रा

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading