ऑफलाइन वेतन बिल भेजने की व्यवस्था खत्म, सब कुछ हुआ ऑनलाइन
परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों के वेतन भुगतान में अब न देरी होगी न ही किसी की मनमानी नहीं चलेगी जिम्मेदार अधिकारियों को मानव संपदा पोर्टल पर तय समय में उपस्थिति व अन्य ब्योरा ऑनलाइन अग्रसारित करना होगा।

- शिक्षकों के वेतन भुगतान में अब नहीं चलेगी मनमानी, ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने से लेकर कोषागार तक ब्योरा भेजने की समय सीमा तय
- शिक्षकों के वेतन भुगतान में नहीं होगी देरी, सभी को निर्धारित समय अवधि में करना होगा कार्य
लखनऊ/कानपुर देहात। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों के वेतन भुगतान में अब न देरी होगी न ही किसी की मनमानी नहीं चलेगी जिम्मेदार अधिकारियों को मानव संपदा पोर्टल पर तय समय में उपस्थिति व अन्य ब्योरा ऑनलाइन अग्रसारित करना होगा। ऑनलाइन व्यवस्था के तहत वित्त व लेखा कार्यालय से ही वेतन बिल कोषागार में हर माह 29 तारीख तक भेज दिए। जाएंगे। इससे अगले माह एक तारीख को तय समय पर शिक्षकों के वेतन का भुगतान हो सकेगा। अब खंड शिक्षा अधिकारी व नगर शिक्षा अधिकारी के स्तर से बीएसए से वेतन विल प्रति हस्ताक्षरित करवाकर लेखा कार्यालय को उपलब्ध कराने की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी गई है। अब तक वित्त एवं लेखा अधिकारियों के लिए कोषागार वेतन बिल भेजने की कोई मियाद तय नहीं थीं। उनके पास हर माह 28 तारीख तक ब्योरा पहुंचता था और फिर वह 29 तारीख से कार्यवाही शुरू करते थे। ऐसे में शिक्षक देरी से वेतन मिलने की शिकायत करते रहते थे। अब वित्त व लेखा कार्यालय को हर हाल में माह की 29 तारीख तक शिक्षकों के वेतन बिल अग्रसारित करने होंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
अब ऐसे होगी व्यवस्था-
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने शिक्षकों की उपस्थिति का ब्योरा अग्रसारित करने की नई समय सारिणी घोषित की है। इसके तहत हर महीने विद्यालय स्तर से उपस्थिति का जो ब्योरा 21 से 25 तारीख तक अग्रसारित करना होता था, उसे अब 21 से 23 तारीख तक अग्रसारित करना होगा। इसके बाद ब्लॉक स्तर से 24 से 25 तारीख तक ब्योरे की जांच करके उसे अग्रसारित करना होगा। पहले 26 से 28 तारीख तक अग्रसारण की छूट थी। वहीं वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) के यहां से वेतन के लिए उपस्थिति का ब्योरा महीने की 26 से 29 तारीख के बीच अग्रसारित करना होगा। प्रतिमाह खंड शिक्षा अधिकारी, नगर शिक्षा अधिकारी द्वारा संपूर्ण विकासखंड के विद्यालयों का ब्यौरा प्रत्येक माह की 25 तारीख तक समस्त विद्यालयों की उपस्थिति पत्रक की एक प्रति के साथ वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय को प्रेषित करनी होगी। बताते चले जब से कानपुर देहात जनपद में वित्त एवं लेखाधिकारी शिवा त्रिपाठी ने कार्यभार ग्रहण किया है तब से शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को निर्धारित समय के अंदर ही वेतन प्राप्त हो रहा है। फिलहाल नई व्यवस्था से अन्य जनपदों के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को समय से वेतन मिल सकेगा।
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