उत्तरप्रदेशऔरैया
कंटेनर में लदे 46 मे से 36 गोबंशों ने तोड़ा दम
सदर कोतवाली में जालौन चौराहे के पास इटावा की तरफ जाने वाले सर्विस मार्ग पर शुक्रवार की भोर लगभग तीन बजे इंजन में खराबी आ जाने से आरोपी गोवंश लदा डाक पार्सल लिखा कंटेनर छोड़कर भाग गये।

औरैया। सदर कोतवाली में जालौन चौराहे के पास इटावा की तरफ जाने वाले सर्विस मार्ग पर शुक्रवार की भोर लगभग तीन बजे इंजन में खराबी आ जाने से आरोपी गोवंश लदा डाक पार्सल लिखा कंटेनर छोड़कर भाग गये। पुलिस को समय से सूचना मिलने के बाद भी पुलिस चार घंटे देरी से मौके पर पहुंची। तब तक ट्रक में भरे 46 गोवंशों में 38 ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक गोवंशों को जेसीबी से गड्ढ़ा खुदवाकर जमींदोज कर दिया। जबकि जिंदा बचे आठ गोवंशों को जैतापुर स्थित गोशाला भेज दिया। पुलिस कंटेनर चालक की तलाश कर रही है।
जालौन से होकर इटावा की तरफ जा रहा एक डाक पार्सल लिखा कंटेनर शुक्रवार को सदर कोतवाली क्षेत्र में जालौन रोड पर इटावा की तरफ जाने वाले सर्विस रोड से पुलिस ने खड़ा बरामद किया। कंटेनर से उठ रही सडांध को लेकर लोगों ने सुबह लगभग पांच बजे पुलिस को सूचना दी। बावजूद इसके पुलिस चार घंटे बाद सुबह नौ बजे मौेके पर पहुंची। जहां उन्होंने खराब कंटेनर को कब्जे में लिया। इस दौरान कंटेनर को खोले जाने पर उसमें काफी संख्या में गोवंश लदे मिले। इस पर पुलिस ने जब कंटेनर खाली कराकर गोवंशों को दूसरे ट्रक में लदवाने का काम शुरू किया, तो उसमें लदे कुल ४६ गोवंशों में केवल आठ गोवंश ही जिंदा मिले, जबकि शेष गोवंश मृत हो चुके थे। जानकारी होने पर पहुंचे विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष समेत परिषद के अन्य लोगों ने पुलिस की लापरवाही बताते हुए आक्रोश जताया। उधर पुलिस ने पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों को फोन से सूचना दी। सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ.मोहर सिंह ने मौके पर पहुंचकर पशुओं का पोस्टमार्टम किया। इसके उपरांत सभी मृत पशुओं को बीहड़ में जेसीबी से गड्ढ़ा खुदवाकर दफन करा दिया गया।
क्या कहते जिम्मेदार
कंटेनर पर लिखे नंबरों की जांच से कंटेनर हमीरपुर का पता चल रहा है। इसके मालिक से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं कंट्रेनर के चालक का भी पता करने में पुलिस लगी है। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। सुरेंद्र नाथ यादव, सीओ सिटी
*इनसेट-*
छह-छह माह के गर्भ से थे मृत हुए आठ गोवंश पशु चिकित्सक डॉ.मोहर सिंह ने बताया कि गोवंशों की मौत दम घुटने से हुई है। मृत हुए गोवंशों में आठ गोवंश छह-छह माह के गर्भ से थे।
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