कथावाचक ने श्रोताओं को गोवर्धन पर्वत की कथा विस्तार से सुनाई
मलासा विकासखंड के मदनपुर कुटिया में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन शुक्रवार को कथावाचक ने श्रोताओं को गोवर्धन पर्वत की कथा विस्तार से सुनाई जिसे सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।

ब्रजेन्द्र तिवारी, पुखरायां। मलासा विकासखंड के मदनपुर कुटिया में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन शुक्रवार को कथावाचक ने श्रोताओं को गोवर्धन पर्वत की कथा विस्तार से सुनाई जिसे सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। शुक्रवार को विकासखंड के मदनपुर कुटिया के 9 दिवसीय श्रीमद्भागवत के सातवें दिवस में कथावाचक रामू शास्त्री ने गोवर्धन पर्वत की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि गोवर्धन पूजन के त्योहार का आरंभ द्वापर युग से माना जाता है क्योंकि कथा के अनुसार भगवान कृष्ण ने इंद्रदेव का अहंकार दूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया था और सभी ब्रजवासियों की रक्षा की थी कथावाचक ने कहा कि एक बार इंद्रदेव को अभिमान हो गया तब लीलाधारी श्रीकृष्ण ने एक लीला रची।
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एक दिन श्रीकृष्ण ने देखा कि सभी ब्रजवासी तरह तरह के पकवान बना रहे हैं पूजा का मंडप सजाया जा रहा है और सभी लोग प्रातःकाल से ही पूजन की सामग्री एकत्रित करने में व्यस्त हैं। तब श्रीकृष्ण ने यशोदा जी से पूंछा मईया ये आज सभी लोग किसके पूजन की तैयारी कर रहे हैं इस पर मईया यशोदा ने कहा कि पुत्र सभी ब्रजवासी इंद्रदेव के पूजन की तैयारी कर रहे हैं तब कन्हैया ने कहा कि सभी लोग इंद्रदेव की पूजा क्यों कर रहे हैं तो माता यशोदा उन्हे बताते हुए कहती हैं क्योंकि इंद्रदेव वर्षा करते हैं जिससे अन्न की पैदावार अच्छी होती है और सभी गायों को चारा प्राप्त होता है।
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कथा को सुनकर भक्त भावविभोर हो गए कथा का समापन चार फरवरी को होगा तथा पांच फरवरी को हवन पूजन के त्योहार विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।इस मौके पर परीक्षित रेखा देवी, सुरजीत सिंह, पंकज सचान, शारदा सचान, दीप्ति सचान, रघुराज सचान, आशीष गौतम आदि लोग मौजूद रहे।
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