किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य: जिलाधिकारी ने कृषक उत्पादक संगठनों को दिया मंत्र
जिलाधिकारी आलोक सिंह ने आज जनपद के कृषक उत्पादक संगठनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने कृषक उत्पादक संगठनों के अध्यक्षों से स्थानीय उत्पादों की उन्नत खेती और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कर किसानों की आय में वृद्धि करने का आह्वान किया।

- उन्नत खेती, प्रसंस्करण इकाइयों पर जोर; मृदा सर्वेक्षण रिपोर्ट से मिलेगी उर्वरक की सटीक जानकारी
कानपुर देहात: जिलाधिकारी आलोक सिंह ने आज जनपद के कृषक उत्पादक संगठनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने कृषक उत्पादक संगठनों के अध्यक्षों से स्थानीय उत्पादों की उन्नत खेती और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कर किसानों की आय में वृद्धि करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या या सुझाव की आवश्यकता हो तो वे प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को आयोजित किसान दिवस में अपनी समस्याओं को लिखित रूप में प्रस्तुत कर उनका निराकरण करा सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र दलीप नगर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद की मृदा का सर्वेक्षण कर उत्पादकता मानचित्र बनाया जा रहा है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट 15 दिनों में पूरी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद के सभी विकास खंडों में नाइट्रोजन और जिंक की कमी है, जबकि अमरौधा, झींझक में फास्फोरस की कमी है। इसी प्रकार रसूलाबाद, डेरापुर, मैथा में लौह तत्व की कमी है। पोटाश एवं सल्फर तत्व की जनपद में मध्यम उपलब्धता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिस प्रकार बिना बीमारी के दवा के प्रयोग अथवा अधिक दवा के प्रयोग से शरीर को नुकसान होता है, उसी प्रकार सूक्ष्म पोषक तत्वों के अकारण अथवा अधिक प्रयोग से उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर यह आकलन किया जाएगा कि किस स्थान पर किस फसल की खेती करने पर लाभकारी होगा तथा खेती में किन-किन उर्वरकों/सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता होगी, जिससे कृषि लागत में कमी आएगी एवं गुणवत्ता युक्त उत्पादन प्राप्त कर किसान भाई अधिक लाभ अर्जित कर सकेंगे।
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