कानपुर देहात: फैक्ट्री हादसे में मुआवजा चेक वापसी पर सियासी घमासान
औद्योगिक क्षेत्र रनिया के खानचंद्रपुर रोड पर संचालित एक फोम के गद्दा बनाने वाली फैक्ट्री में बीते 21 सितंबर आग लगने से 6 मजदूरों की मौत हो गई थी, व चार मजदूर झुलस गए थे। उनके आश्रितों को चेक दिए जाने के मामले ने राजनैतिक रंग ले लिया है।

- दुख की घड़ी में मृतकों के परिजनों को धोखा, सपा का आरोप
रनियां। औद्योगिक क्षेत्र रनिया के खानचंद्रपुर रोड पर संचालित एक फोम के गद्दा बनाने वाली फैक्ट्री में बीते 21 सितंबर आग लगने से 6 मजदूरों की मौत हो गई थी, व चार मजदूर झुलस गए थे। उनके आश्रितों को चेक दिए जाने के मामले ने राजनैतिक रंग ले लिया है। हालांकि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर चेक वापस लिए जाने पर सवाल खड़े करके इसे भाजपा सरकार का धोखा करार दिया।
बीते 21 सितंबर की सुबह रनिया के खानचंद्रपुर रोड पर आरपी पाली प्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में आग लग जाने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि चारों मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। घटना के बाद आक्रोश में कोई बवाल ना हो जाए इसको लेकर फैक्ट्री प्रबंधन की तरफ से सभी मृतकों को 12-12 लख रुपए का चेक दिया गया था।
उक्त चेक कर्मचारी प्रतिकार आयुक्त के नाम से था, वह चेक मृतक के परिजन अपना समझ रहे थे, और सभी मृतकों का शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार हो गया था। इसके बाद श्रम विभाग ने चेक को वापस लेकर कहा था कि उनके खाते में रकम आते ही उनको बुलाकर विभाग अपनी तरफ से मुआवजा राशि का चेक देगा।
हालांकि विभागीय गफलत के बीच बुधवार को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करके सवाल खड़ा किया कि कानपुर देहात फोम गद्दा फैक्ट्री अग्निकांड में मृतकों को परिवार को दिए गए सहायता राशि के चेक अधिकारियों द्वारा वापस लिए जाने से परिजनों में जायज रोष आक्रोश है। दुख की इस घड़ी में जबकि परिजनों को सांत्वना देने का समय है। उसके विपरीत भाजपा सरकार उनको धोखा दे रही है। हम भाजपा सरकार से शोक संतप्त परिजनों को तुरंत सहायता राशि देने की मांग करते हैं। इसके बाद आनन-फानन में सहायक श्रम आयुक्त रामाशीष ने सभी मृतकों के पारिवारिक जनों को सहायता राशि चेक सौंप दिये।
Discover more from अमन यात्रा
Subscribe to get the latest posts sent to your email.