स्वच्छता ही बीमारियों से बचे जाने का एक मात्र उपाय : मुख्य विकास अधिकारी
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस-2 के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन विषयक पर दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पांडेय ने विकास भवन सभागार कक्ष में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

- सीडीओ सौम्या ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस-2 के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन विषयक पर दो दिवसीय प्रशिक्षण का किया शुभारंभ
- सभी ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक, पंचायत सहायक प्रशिक्षण को गंभीरता से ले: मुख्य विकास अधिकारी
कानपुर देहात,अमन यात्रा : स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस-2 के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन विषयक पर दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पांडेय ने विकास भवन सभागार कक्ष में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, जेई आदि उपस्थित रहे। इस मौके पर सम्बोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी ने एक सपना देखा था कि भारत का एक-एक गांव खुले में शौच मुक्त हो, इस अभियान के तहत स्वच्छ भारत मिशन के तहत अभियान चलाकर भारत के जनपदों को ओडीएफ कराया या, इसी के तहत अब स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण -2 के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके तहत जनपद के 27 ग्राम पंचायतों एवं 31 राजस्व ग्रामों को चुना गया है।
इन ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्टों को अलग-अलग संरक्षित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि गांवों का सर्वे कर गांव में कहा-कहा घूरे पड़ते है उनकी सूची बनाये तथा गांव में कच्ची नालियां कितनी है उनकी सूची बनाये, जिससे कि इन पर कार्य किया जा सके, उन्होंने कहा कि गांव में अलग-अलग कूड़ा एकत्र करने हेतु कूड़ा गाडी गांव में चलायी जाये जिससे कि ग्रामीणजन उसमें अलग-अलग सूखा एवं गीला कूड़ा डाल सके और उस कूडों को एकत्र करने हेतु एक जगह चिन्हित कर ले। प्लास्टि, पोलीथीन वाले कूडो को फैक्ट्री में दे उससे जो आय होगी उसे ग्राम पंचायत में जमा की जाये। वहीं उन्होने कहा कि जल संचयन हेतु जला अभिषेक अभियान चलाया जा रहा है जिसके माध्यम से सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, सरकारी भवनों में रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग बनाये जाने का कार्य चल रहा है, इसी तरह आजादी के 75 वर्ष के तहत जनपद में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जा रहा है, इसी तरह तालाबों को कब्जा मुक्त कराकर उन्हें संरक्षित किया जा रहा है तथा कुओं को भी पुनरूद्धार कराया जा रहा है जिससे कि ज्यादा से ज्यादा जल का संचयन किया जा सके।
वहीं अमृत सरोवर के पास अमृत वाटिका का निर्माण कराया जायेगा जिसके संचालन हेतु स्वयं सहायता समूह की महिलाओंको सौंप दिया जायेगा। उन्होंने सभी लोगों से कहा कि वाटर बजट भी सभी लोग बनाये, कितना पानी इस्तेमाल किया तथा कितना खर्च किया तथा कितना रिचार्ज किया, इससे पता चलेगा कि कितना पानी खर्च करते है कितना रिचार्ज करते है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से कहां थे स्वच्छता ही बीमारियों से बचा जा सकता है इसके लिए अपने-अपने क्षेत्रों में आप सफाई पर विशेष ध्यान दें कहीं पर भी गंदगी का अंबार ना होने पर जलभराव ना होने पर इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस मौके पर जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण में सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से आप ज्यादा से ज्यादा प्रशिक्षण को ग्रहण करें। इस मौके पर अधिकारीगण व कर्मचारी एवं मास्टर ट्रेनर आदि उपस्थित रहे।
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