कानपुर में अवैध शस्त्रों पर कड़ी कार्रवाई, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
कानपुर नगर में अवैध शस्त्रों के निर्माण, वितरण और तस्करी पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त निर्देश दिए हैं।

कानपुर नगर: कानपुर नगर में अवैध शस्त्रों के निर्माण, वितरण और तस्करी पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त निर्देश दिए हैं। आज आयोजित जनपद स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में डीएम ने शस्त्र लाइसेंस और उनसे जुड़े मामलों की गहनता से जांच करने के आदेश दिए।
लाइसेंस और निगरानी पर जोर
जिलाधिकारी ने बताया कि बिना लाइसेंस शस्त्र रखना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए दो से पांच साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। उन्होंने सभी लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि कानपुर नगर में 39,473 व्यक्तिगत शस्त्र लाइसेंस हैं और 71 शस्त्र विक्रय स्थल मौजूद हैं। डीएम ने इन विक्रय केंद्रों पर नियमित रूप से निगरानी और जांच करने के आदेश दिए। उन्होंने बंदूक और कारतूस निर्माण केंद्रों की भी लगातार जांच करने को कहा।
जांच में सख्ती
डीएम ने निर्देश दिए कि शस्त्रों के विरासत से जुड़े मामलों में आवेदक की सही पहचान और निवास की पुष्टि की जाए। साथ ही, उन खिलाड़ियों की भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है जिन्हें स्पोर्ट्स लाइसेंस जारी किए गए हैं, ताकि यह पता चल सके कि वे वास्तव में खेल गतिविधियों में भाग ले रहे हैं या नहीं। खुफिया जानकारी जुटाने के लिए एलआईयू (L.I.U.) को संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने को कहा गया है।
नए कानून का पालन
जिलाधिकारी ने आयुध (संशोधन) अधिनियम, 2019 के प्रावधानों पर भी जोर दिया। इस कानून के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति के पास दो से अधिक शस्त्र हैं, तो उसे एक साल के भीतर अतिरिक्त शस्त्र जमा करने होंगे। ऐसा न करने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस नए अधिनियम के तहत अवैध शस्त्र निर्माण, बिक्री या तस्करी जैसे अपराधों के लिए अब न्यूनतम सात वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। निषिद्ध हथियारों और संगठित अपराधों से जुड़े मामलों में सजा और भी सख्त होगी। बैठक में एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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