कानपुर, अमन यात्रा। जर्जर हो चुके पुराने जाजमऊ पुल की मरम्मत के लिए उसे  20 दिन के लिए बंद करने की तैयारी में है। इसके लिए एसपी ट्रैफिक और एनएचएआई परियोजना निदेशक की संयुक्त बैठक शुक्रवार को एसपी ट्रैफिक कार्यालय में होगी। इसके बाद हर एक रूपरेखा तैयार होगी।

इस पल से लखनऊ से आने वाले वाहन पुराने जाजमऊ पुल से होकर हमीरपुर, बांदा, महोबा, छतरपुर, झांसी, जालौन, कानपुर देहात, चित्रकूट सहित कई जिलों के लोगों का कानपुर होते हुए लखनऊ आना जाता होता है। भारी वाहनों का ज्यादा आवागमन होने से पुल की सड़क जर्जर हो चुकी है। इस पुल में 50 कई स्पीड से निकलना अपने आप में चुनौती है। इसी सड़क से जनप्रतिनिधियों को रोज आना जाना है। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कई बार परियोजना निदेशक को फटकार लगाई के बाद, निदेशक ने इसको बंद करने की योजना तैयारी है। अब छह मार्च को पुल को बंद करेंगे।

विरोधी साधते हैं निशाना

लखनऊ से शहर को आने वाली विपक्ष के नेता अक्सर मीडिया में बयान देते हैं कि सरकार गड्ढा मुक्त होने का दावा करती है, लेकिन शहर के एंट्री प्वाइंट पर पुल जर्जर हो चुका है। उसके बाद भी सरकार इस पर ध्यान नहीं देती। पुल की मरम्मत के लिए डेढ़ वर्ष पहले एनएचएआई के तत्कालीन परियोजना निदेशक पुरषोत्तम लाल चौधरी ने पुल को 10 दिन के लिए बंद हो गया था। इसके बाद भी पुल की सड़क उखड़ने लगी थी।