कार्य की अधिकता से शरीर में थकान हो सकती है किंतु योग करने से मन मस्तिष्क की थकान दूर होती है : डॉ. मनोरमा सिंह
योग विज्ञान के माध्यम से जनमानस के अंदर चेतना जगाने, मन मस्तिष्क व शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग की आवश्यकता पर बल देने के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

पुखरायां ,सुनीत श्रीवास्तव : रामस्वरूप ग्राम उद्योग परास्नातक महाविद्यालय पुखरायां कानपुर देहात में संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय इग्नू इअध्ययन केंद्र में आज इग्नू विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ द्वारा आभासीय मंच के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व योग विज्ञान के माध्यम से जनमानस के अंदर चेतना जगाने, मन मस्तिष्क व शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग की आवश्यकता पर बल देने के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रोफेसर नागेश्वर राव माननीय कुलपति इग्नू ,विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर सत काम प्रो कुलपति इग्नू , डॉक्टर श्रीकांत महापात्रा ,प्रो कुलपति इग्नू ,मुख्य अतिथि डॉक्टर ईश्वर वी वसवरेड्डी, डॉक्टर यूसी पांडे निदेशक क्षेत्रीय सेवा प्रभाग नई दिल्ली ,गेस्ट स्पीकर श्री शरद रघुनाथ मुंडे कंसलटेंट टीचर योगा, डॉ नवदीप जोशी फाउंडर नव योगा ग्राम सीएफसी सदस्य, डॉक्टर सत्य प्रकाश पाठक असिस्टेंट प्रोफेसर योग विभाग हिमांचल विश्वविद्यालय शिमला, डॉक्टर मनोरमा सिंह वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ ,संगोष्ठी का संचालन डॉक्टर अनामिका सिंहा सहायक क्षेत्रीय निदेशक इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ द्वारा किया गया । डॉक्टर मनोरमा सिंह ने कहा कि कार्य की अधिकता से शरीर में थकान हो सकती है किंतु योग करने से मन मस्तिष्क की थकान दूर होती है आज के रोजी रोटी के लिए भागदौड़ भरे इस दौर में व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से थकान महसूस करता है जिसको नित्य योग प्राणायाम आदि के माध्यम से दूर करना सबसे सरल उपाय है मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के तौर पर डॉक्टर ईश्वर वी ने कहा कि महर्षि पतंजलि जी द्वारा योग क्रिया के माध्यम से शरीर के अंदर व बाहर की विकृतियों को दूर करने का सबसे सरल तरीका बताया जिसको योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा भारत सरकार के विशेष प्रयास से विश्व योग दिवस के रूप में 21 जून को मनाया जाना हमारे लिए बड़े गौरव की बात है। डॉ नवनीत जोशी ने विभिन्न बीमारियों का समाधान योग में छिपा है योग के माध्यम से गंभीर से गंभीर बीमारी से मुक्ति प्राप्त हो सकती है इसके लिए अनेक तरह की योग क्रियाओं को करके भी दिखाया इस अवसर पर इग्नू क्षेत्रीय केंद्र के अंतर्गत आने वाले अनेक अध्ययन केंद्रों के विद्यार्थी व समन्वयक कार्यक्रम से जुड़े तथा नित्य योगा से कैसे शरीर के आंतरिक व वाह पक्ष को मजबूत किया जा सकता है यह सब आज की संगोष्ठी में जानने का अवसर प्राप्त हुआ।
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