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कोरोना काल में बचत घटी, कर्ज बढ़ा,जीवन- यापन हुआ कठिन
आरबीआइ के मुताबिक कोरोना की शुरुआत के दौरान घरेलू बचत की दर में 21 फीसद की वृद्धि दर हुई थी। यह बताता है कि जब मुश्किल वक्त की शुरुआत हुई तो लोगों ने भविष्य की अनिश्चितताओं को देखते हुए अपने खर्चे में भारी कटौती की और बचत पर जोर दिया।

- जनवरी, 2021 में स्वर्ण आभूषण के बदले कर्ज लेने में 132 फीसद का इजाफा
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नई दिल्ली,अमन यात्रा। कोरोना संकट ने देश की आम जनता के आय-व्यय पर किस तरह का असर डाला है, इसको लेकर अब धीरे-धीरे आंकड़े आने लगे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान लोगों की बचत क्षमता घटी है और उन पर कर्ज का बोझ बढ़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) की तरफ से शुक्रवार को जारी एक आंकड़ा बताता है कि जुलाई-सितंबर, 2020-21 तिमाही में घरों में बचत की दर ठीक पिछली तिमाही की 21 फीसद से घटकर 10.4 फीसद पर आ गई है। इसी दौरान जीडीपी के मुकाबले घरेलू कर्ज की दर 35.4 फीसद से बढ़कर 37.1 फीसद हो गई है।