गाँव में शहरों जैसा विकास, महिला शिक्षा, दलित उत्थान कर माँ के अधूरे सपनों को पूरा करना है:अध्यक्ष की शपथ
नई जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण विकास के नए सपने संजोय हुए हैं। उनका कहना है सभी सरकारी योजनाओं को लागू करवाना उनकी प्राथमिकता होगी। पंक्ति में सबसे पीछे खड़े व्यक्ति को फायदा पहुंचाया उनका मकसद है। गाँवो के आधे अधूरे विकास को पूरा करना उनका उद्देश्य है।

भ्रष्ट थी पिछली सरकारें :- स्वप्निल वरुण
नई पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने पिछली सरकारों को घेरते हुआ हमला बोला कि सपा बसपा शासनकाल में भ्रष्टाचार का बोलबाला था। जिसका खामियाज़ा गांव की बोली भाली जनता को आज तक झेलना पड़ रहा है। उन्होने कहा कि वह सबसे ज्यादा पिछड़े गाँवो में प्राथमिकता पर विकास करने का कार्य करेंगी। इसी के साथ उनका उद्देश्य रहेगा कि गांव में सड़कों और नालियों का मजबूत जाल बिछाया जाए, जो कि शहर के मानकों के हिसाब रहे। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को शत-शत लागू करवाना उनका उद्देश्य है, जिससे सभी ग्रामीणों को फायदा मिल सके। महिलाओं की योजनाओं को सौ फीसद लागू करवायेगी। बेसिक शिक्षा में लड़कियों को अधिक से अधिक फायदा मिले,इसके लिये कार्ययोजना बनाकर काम करने की जरूरत है। स्वप्निल ने कहा कि महिलाओं की दशा में सुधार करने के लिए समितियां बना गृह उधोगों का बढ़ावा देगी। उनका मानना है कि इससे घरों का माहौल सुधरेगा। उन्होंने कहा कि वह मुहिम चला कर हर घर से लड़कियों को स्कूल भेज कर पढ़ाने का कार्य करेगी। उन्होने कहा कि वह खुद अनुसूचित जाति से आती हैं, इस समाज के उत्थान के लिए अभी बहुत कार्य होने बाकी हैं। उनकी मां ने भी सपना देखा था कि समाज के शोषित वंचित हर व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का फायदा मिले। मां का सपना पूरा करना उनके राजनीतिक जीवन का उद्देश्य है।
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