
सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने प्रधानमंत्री से किया मुलाकात, राबर्ट्सगंज का नाम बदलने का किया मांग
आधा दर्जन समस्याओं पर खींचा प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान
काशीराज स्टेट की जमीनों को लेकर रखी है मांग
चकिया, चंदौली। राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट से सपा सांसद छोटेलाल खरवार इस समय लगातार अपने लोकसभा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर विभिन्न कैबिनेट व राज्यमंत्रियों से मुलाकात कर अवगत कराने के साथ ही उसके निस्तारण की मांग कर रहे हैं। वह अपने इलाके की समस्याओं के लिए मंत्रियों को पत्र सौंपकर उनका समाधान करने की बात कर रहे हैं। उनके पत्र का संज्ञान लेकर कई कार्य कराने के आश्वासन मिला है।
इसी क्रम में राबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल खरवार ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करके अपने संसदीय क्षेत्र की समस्याओं को लेकर चर्चा की और उनके समाधान के लिए मदद मांगी। उन्होंने पीएम के नाम पर लिखित पत्रक सौंपते हुए आधा दर्जन समस्याओं पर प्रधानमंत्री का ध्यान खींचने की कोशिश की।
पीएम मोदी को पत्र लिखकर अवगत कराया कि हमारे संसदीय क्षेत्र रॉबर्ट्सगंज व विधानसभा का नाम रॉबर्ट्सगंज अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है। उस नाम को रॉबर्ट्सगंज से बदलकर सोनांचल लोकसभा या सोनभद्र लोकसभा रखा जाए तथा विधानसभा का नाम रॉबर्ट्सगंज के स्थान पर सोनभद्र सदर रखा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य के द्वारा अध्यक्ष पद का चुनाव कराया जाता है, जिससे भारी भ्रष्टाचार, अपहरण, मारपीट जैसे जघन्न अपराध होता है। इससे गरीब, किसान, युवा माफियाओं के आगे चुनाव नहीं लड़ सकते, इसलिए इसे सीधे जनता से चुनाव कराया जाए। जबकि एक राष्ट्र एक देश एक चुनाव बिल JCP को चला गया है। इससे पहले ग्राम पंचायतो में खासतौर से, जिला पंचायत अध्यक्ष पद एवं क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष पद सीधे जनता से कराया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो जिला पंचायत सदस्य व क्षेत्र पंचायत सदस्य का ग्राम प्रधानों जैसे सरकारी खाता खुलवाकर राजवित, 16वां वित इत्यादि पैसा देकर इस पैसे में वृद्धि करके ग्रामीण क्षेत्रों का विकास कराया जाए। यदि उक्तकार्य नहीं ऐसा होता है तो जिला पंचायत सदस्य तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य का पद समाप्त कर दिया जाए।
समस्याओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि संसदीय क्षेत्र राबर्ट्सगंज सोनभद्र के कुलडोमरी, ओबरा, दुद्धी, मेयुरपुर, बभनी, नगवां ब्लाक के ग्राम केवटम, विधानसभा घोरावल, चकिया, नौगढ़ इत्यादि जगहों पर एससी/एसटी आदिवासियों का घर गिराया गया है। साथ ही मुकदमा लादकर जेल भेजा जा रहा है। एससी एसटी के लोगों को नियमानुसार पट्टा नहीं दिया जा रहा है।
सांसद ने कहा कि उनके इलाके में वनाधिकार कानून का उल्लंघन किया जा रहा है तथा उनको मारपीट कर जेल भेजा जा रहा है। लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। उनके वन की जमीन पुस्तैनी बाहरी व्यक्तियों को पट्टा कर दिया गया है। उसे री – सर्वे कराकर उनकी जमीन वापस कर दिया जाए तथा मौके पर जितना कब्जा है 4 बीघा से 16 बीघा तक पट्टा देने का अधिकार है। मगर नहीं उनके मुताबिक जमीन दी जा रही है। वहीं उनकी जमीन सर्वे में दूसरी बाहरी व्यक्ति अपना नाम बड़े पैमाने पर करवा लिए हैं। वहां के हजारों आदिवासी हाईकोर्ट से लेकर कचहरी तक चक्कर लगाते हैं। अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर लड़ाई लड़ रहे हैं आगे खाने-पीने को मोहताज हो जाएंगे। इस पर विचार करते हुए री – सर्वे कराकर उनकी जमीन वापस किया जाए इससे संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया जाए।
वहीं उन्होंने चकिया और नौगढ़ तहसील में काशीराज स्टेट के समय से उपयोगी वन की जमीन गरीबों किसानों को आवांटित की गई थी। अब उस जमीन को खाली कराने की कोशिश की जा रही है। वहां के गरीबों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बार-बार प्रयास किया जाता है कि जमीन खाली करो। यह किसानों, गरीबों, एससी एसटी ओबीसी के लोगों के साथ अन्याय है।
इन सभी मांगों को लेकर लिखित रूप से पत्रक सौंपते हुए सभी विषयों को गंभीरता पूर्वक समझते हुए नियमानुसार कार्यवाही करने की मांग की। जिस पर पीएम मोदी ने सांसद के पत्रक को लेने के साथ ही समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान करने का भरोसा दिलाया है।
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