गौशालाओं में पशुओं की जान बचाने के लिए नायक के निर्देश, जानिए क्या कहा
प्रमुख सचिव, सचिवालय प्रशासन, दुग्ध विकास, मत्स्य एवं पशुधन विभाग उत्तर प्रदेश शासन के. रविन्द्र नायक ने आज जालौन के कलेक्ट्रेट सभागार में दुग्ध विकास, मत्स्य एवं पशुधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की।

उरई,जालौन: प्रमुख सचिव, सचिवालय प्रशासन, दुग्ध विकास, मत्स्य एवं पशुधन विभाग उत्तर प्रदेश शासन श्री के. रविन्द्र नायक ने आज जालौन के कलेक्ट्रेट सभागार में दुग्ध विकास, मत्स्य एवं पशुधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की। इस दौरान उन्होंने गौशालाओं में पशुओं की देखभाल, ठंड से बचाव और अन्य संबंधित मामलों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक से पहले श्री नायक ने ई-गवर्नेंस सेल में स्थित गौशाला कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और वहां गौवंश, भूसा, चारा, पानी की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने गौशाला में ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने गौशालाओं में बीमार पशुओं के लिए दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही और कहा कि यदि दवाओं की कोई कमी हो, तो तुरंत इसे पूरा किया जाए। उन्होंने गौशालाओं में गोबर से कम्पोस्ट खाद बनाने के प्रयासों को भी प्रोत्साहित किया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी गौशालाओं में केयर टेकर तैनात हों।
ठंड और कोहरे के मौसम को ध्यान में रखते हुए श्री नायक ने सभी गौवंशों को रेडियम पट्टी पहनाने की सिफारिश की, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। इसके अलावा, उन्होंने आवारा पशुओं के संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि पशु बाजारों में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि जनपद में सभी दुग्ध समितियां सक्रिय की जाएं, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के लिए दुधारू पशुओं को वितरित करने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 जनवरी 2025 को सभी अधिकारी पोषण की आवश्यकता वाले बच्चों को दुधारू पशु प्रदान करेंगे।
श्री नायक ने जालौन जिले को गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में अग्रणी बताया और कहा कि जिले ने इस कार्य में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसके लिए जिलाधिकारी, अधिकारीगण और जनपदवासी सराहना के पात्र हैं।
बैठक के दौरान श्री नायक ने जूम मीटिंग के माध्यम से समस्त उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों से गौशालाओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि सभी अधिकारी ठंड में अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पशु ठंड से न मरे।
बैठक में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
यह बैठक जालौन जिले में पशुधन की देखभाल और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिससे किसानों और पशुपालकों को लाभ मिल सके।
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