इमाम बारगाह में ख़मसा ए मजालिस की आखरी मजलिस मुनक्कि़द की गई
गत रविवार को जुहैर अब्बास ग्राम मोहम्मदपुर मलासा कानपुर देहात के इमाम बारगाह में ख़मसा ए मजालिस की आखरी मजलिस मुनक्कि़द की गई जिसको मौलाना सदाक़त हुसैन साहब इमामे जुमा मस्जिदे इमामिया मोहम्मदपुर ने खि़ताब फरमाया।

मोहम्मदपुर कानपुर देहात। गत रविवार को जुहैर अब्बास ग्राम मोहम्मदपुर मलासा कानपुर देहात के इमाम बारगाह में ख़मसा ए मजालिस की आखरी मजलिस मुनक्कि़द की गई जिसको मौलाना सदाक़त हुसैन साहब इमामे जुमा मस्जिदे इमामिया मोहम्मदपुर ने खि़ताब फरमाया और बताया कि इमाम हुसैन हिदायत का रोशन चिराग (दिया) है अगर आप अपने आपको दुनिया में रोशन करना चाहते हैं तो आपको इमाम हुसैन की दर पर आना पड़ेगा और इमाम हुसैन (अहलेबैत) की कश्ती पर सवार होना पड़ेगा तभी आप दुखों और परेशानियों से निजात पा सकेंगे क्योंकि इमाम हुसैन ही निजात की कश्ती (नाव) है जो इनके दर पर आ गया समझो वह निजात पा गया इसके बाद अलम का जुलूस निकाला गया जो अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ मस्जिद ए इमामिया पहुंचा जिसमें मुजाहिद हुसैन ,मुशाहिद हुसैन, जुहैर अब्बास कफी़ल हुसैन मोहम्मदपुरी ,इजहार हुसैन मंसूरूल हसन , फजी़ल भाई, शत्रुघन सिंह कैलाश यादव व तमाम मोमिनीन ने शिरकत की।
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