छात्रों की उपस्थिति व ड्रेस के जिम्मेदार नहीं हैं शिक्षक सरकार अपनी योजनाओं में लाए परिवर्तन
शिक्षकों का कहना है कि छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए शिक्षक लगातार प्रयास कर रहे हैं लेकिन अभिभावक बच्चों को स्कूल न भेजकर घरेलू काम कराते हैं जिससे छात्रों की उपस्थिति नहीं बढ़ रही है।

कानपुर देहात। शिक्षकों का कहना है कि छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए शिक्षक लगातार प्रयास कर रहे हैं लेकिन अभिभावक बच्चों को स्कूल न भेजकर घरेलू काम कराते हैं जिससे छात्रों की उपस्थिति नहीं बढ़ रही है। सरकार की ओर से यूनिफार्म के लिए अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये धनराशि भेजी जाती है लेकिन अभिभावक यूनिफार्म नहीं बनवाते हैं।
इसका जिम्मेदार शिक्षकों को ठहराते हुए वेतन रोकने आदि की धमकी देकर शिक्षकों का लगातार उत्पीड़न हो रहा है। शिक्षण के अतिरिक्त डीबीटी, यू डाइस कोड, रीड अलांग, प्रेरणा एप, बीएलओ का काम, निपुण, सरल, दीक्षा, समर्थ हरितीमा, जीपीएस फोटो, फल वितरण, दूध वितरण आदि फोटो अपलोड करने, संकुल पर डीसीएफ भरना, परिवार सर्वेक्षण, बाल गणना, शारदा, मानव संपदा सहित तमाम कार्य लिए जा रहे हैं।
इसके लिए सरकार न तो मोबाइल डाटा के लिए धन उपलब्ध कराती है और न ही इस कार्य के लिए अलग से मेहनताना देती है। सरकार को अपनी इन योजनाओं में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है।
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