कानपुरउत्तरप्रदेशफ्रेश न्यूज

जुगल देवी सरस्वती शिशु मंदिर में दीपावली उत्सव: रामलीला ने बांधा समां

जुगल देवी सरस्वती शिशु मंदिर, दीनदयाल नगर कानपुर में आज दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय के प्रबंधक श्रीनारायण जी त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

Story Highlights
  • कानपुर: शिशु मंदिर में दीपावली का जश्न, बच्चों ने बिखेरी रौनक
  • सुश्री साधना शंकर मुख्य अतिथि रहीं
  • 350 से अधिक बच्चों ने दीपक जलाकर भारत माता की पूजा की
  • शिशु वाटिका के बच्चों ने रामलीला का मनमोहक प्रदर्शन किया

कानपुर: जुगल देवी सरस्वती शिशु मंदिर, दीनदयाल नगर कानपुर में आज दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय के प्रबंधक श्रीनारायण जी त्रिपाठी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय के 350 से अधिक बच्चों ने अपने-अपने नाम के दीपक जलाकर भारत माता की पूजा की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा शिशु वाटिका के बच्चों द्वारा प्रस्तुत रामचरित मानस पर आधारित संपूर्ण रामलीला। बच्चों के इस मनमोहक प्रदर्शन ने सभी का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम के आयोजन में दिलीप शुक्ल, एकता अवस्थी, आराधना शर्मा, कल्पना तिवारी और अनुपमा लता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राम जी त्रिपाठी ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती विजय श्री ने कार्यक्रम की सम्पूर्ण जानकारी दी और सभी का आभार व्यक्त किया।

photo 30 1 1

कार्यक्रम में लगभग 150 अभिभावकों ने भी भाग लिया। राम के राज्याभिषेक के दृश्य के साथ ही पूरा विद्यालय दीपमालाओं से जगमगा उठा। अंत में, विद्यालय के प्रबंधक जी ने सभी को आशीर्वाद दिया और कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम का छायांकन विकास जी ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री साधना शंकर, विभाग कार्यवाहिका, कानपुर राष्ट्र सेविका समिति की उपस्थिति रही। उन्होंने बच्चों के प्रदर्शन की प्रशंसा की और विद्यालय के प्रयासों को सराहा। यह कार्यक्रम बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव रहा और इसने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत किया।

AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

SABSE PAHLE


Discover more from अमन यात्रा

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Articles

AD
Back to top button

Discover more from अमन यात्रा

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading