यूपी में कोरोना की मुफ्त जांच, इलाज और टीकाकरण हो : अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सपा मांग करती है कि यूपी में कोरोना की मुफ्त जांच, मुफ्त टीका और मुफ्त इलाज हो.

सपा प्रमुख ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि, ”सपा की मांग, मुफ्त जांच, मुफ्त टीका, मुफ्त इलाज.” यादव ने कहा कि, ”कोरोना के भयावह काल में जब उत्तर प्रदेश और देश दवाओं एवं ऑक्सीजन तक के लिए तड़प रहा है, कालाबाजारी की खबरें सरकार की नाकामी का प्रतीक हैं.” उन्होंने कहा कि, ”सपा टीके के दामों में एकरूपता की जगह देशभर में त्वरित और मुफ्त टीकाकरण की मांग करती है.”गैर-जिम्मेदार बयानबाजी ना करें
यादव ने अपने पहले ट्वीट के करीब साढ़े तीन घंटे बाद एक और ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने कहा कि, ”यूपी के जिम्मेदार पद पर बैठे लोग गैर-जिम्मेदार बयानबाजी ना करें और लोगों की संपत्ति जब्त करने की धमकी से जनता का मुंह बंद करने की कोशिश ना करें.”
बीजेपी सरकार अफवाह फैला रही है
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि, ”अफवाह बीजेपी सरकार फैला रही है कि ऑक्सीजन की कमी नहीं है, सड़कों की तस्वीर झूठ नहीं बोलती… मान्यवर कृपया अपनी बंद आंखें खोलें!”
सांसों का आपातकाल है
अखिलेश यादव के अलावा समाजवादी पार्टी की ओर से भी ट्वीट कर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई. पार्टी ने ट्वीट में कहा कि, ”लखनऊ समेत यूपी भर में ऑक्सीजन, बिस्तर और दवाइयां ना मिलने से सांसों का ‘आपातकाल’ है! शोकाकुल परिजनों की चीखों को कब तक अपनी असंवेदनशीलता तले अनसुना करेंगे सीएम.” सपा ने कहा कि, ”बीजेपी सांसद ऑक्सीजन लिए धरने की चेतावनी दे रहे हैं, झूठ बोलना बंद करें सीएम, प्रबंधन पर दें ध्यान.”
ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है
इससे पहले, शनिवार को लखनऊ के मोहनलालगंज संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद कौशल किशोर ने ट्वीट में मुख्यमंत्री से निवेदन किया था कि आइसोलेशन में उपचार करा रहे कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन की सख्त जरूरत है लेकिन ऐसे लोगों को ऑक्सीजन मिलने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. शनिवार को ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रदेश के किसी भी निजी या सरकारी कोविड अस्पताल में चिकित्सीय ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है.
ऑक्सीजन का ऑडिट करने जा रहे हैं
सीएम योगी ने विभिन्न अखबारों के संपादकों के साथ ऑनलाइन बातचीत के दौरान ये भी कहा कि राज्य सरकार विभिन्न संस्थानों के साथ मिलकर इस जीवन रक्षक गैस के संबंध में ऑडिट करेगी. उन्होंने कहा, ”प्रदेश के किसी भी कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है. समस्या कालाबाजारी और जमाखोरी की है, जिससे सख्ती से निपटा जाएगा. हम आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ और आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर ऑक्सीजन का एक ऑडिट करने जा रहे हैं ताकि इसकी उचित निगरानी हो सके.” मुख्यमंत्री ने कहा, ”कोविड-19 के हर मरीज को ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं पड़ती और इस बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मीडिया से सहयोग की अपेक्षा है.”
माहौल बिगाड़ने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा, ऐसे दौर में जबकि पूरा देश कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहा है, ऐसे आपदाकाल में भी कुछ अराजक तत्व दवाओं की कालाबाजारी, अफवाह फैलाने अथवा माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर भी दुष्प्रचार हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने ऐसे लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर एवं राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई करने और इनकी संपत्ति जब्त करने के निर्देश दिए हैं.
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