मोदी सरकार का बड़ा फैसला, अब सरोगेसी से मां बनने वाली महिलाओं को मिलेगी 180 दिन की छुट्टी
सरोगेसी से मां बनने वाली महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। अब सरकारी महिला कर्मचारी सरोगेसी से मां बनने पर भी छह महीने का मातृत्व अवकाश ले सकेंगी। केंद्र सरकार ने इस मामले में 50 साल पुराने नियम में संशोधन कर दिया है। मोदी सरकार ने सरोगेसी के मामले में महिला कर्मियों को 6 महीने के मातृत्व अवकाश की अनुमति देने के लिए नियमों में संशोधन किया है। केंद्र सरकार ने शासकीय महिला कर्मचारियों को सरोगेसी से मां बनने पर भी मैटर्निटी लीव देने का फैसला किया है

कानपुर देहात। सरोगेसी से मां बनने वाली महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। अब सरकारी महिला कर्मचारी सरोगेसी से मां बनने पर भी छह महीने का मातृत्व अवकाश ले सकेंगी। केंद्र सरकार ने इस मामले में 50 साल पुराने नियम में संशोधन कर दिया है। मोदी सरकार ने सरोगेसी के मामले में महिला कर्मियों को 6 महीने के मातृत्व अवकाश की अनुमति देने के लिए नियमों में संशोधन किया है। केंद्र सरकार ने शासकीय महिला कर्मचारियों को सरोगेसी से मां बनने पर भी मैटर्निटी लीव देने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार ने 50 साल पुराने नियम में बदलाव करते हुए 180 दिनों का मातृत्व अवकाश देने की अनुमति दी है। साथ ही पिता भी 15 दिन का पितृत्व अवकाश ले सकेंगे। कार्मिक मंत्रालय ने केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) में संशोधित नियमों की अधिसूचना जारी करते हुए इसकी जानकारी दी। जारी अधिसूचना में बताया गया है कि सरोगेसी के मामले में सरोगेट मां, साथ ही दो से कम जीवित बच्चों वाली कमीशनिंग मां को 180 दिनों का मातृत्व अवकाश दिया जा सकता है, यदि दोनों में से कोई एक या दोनों सरकारी कर्मचारी हैं।
अब तक नहीं था इससे जुड़ा कोई नियम-
गौरतलब है कि अब तक सरोगेसी के जरिए बच्चे के जन्म की स्थिति में महिला सरकारी कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश देने का कोई नियम नहीं था। नए नियमों के अनुसार सरोगेसी के माध्यम से पैदा हुए बच्चे के मामले में कमीशनिंग पिता जो एक पुरुष सरकारी कर्मचारी है और उसके दो से कम जीवित बच्चे हैं उसे बच्चे की डिलीवरी की तारीख से 6 महीने की अवधि के भीतर 15 दिनों का पितृत्व अवकाश दिया जा सकता है।
क्या होती है सरोगेसी-
सरोगेसी का विकल्प उन महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है जो प्रजनन संबंधी मुद्दों, गर्भपात या जोखिम भरे गर्भावस्था के कारण गर्भ धारण नहीं कर सकतीं। सरोगेसी को आम भाषा में किराए की कोख भी कहा जाता है यानी बच्चा पैदा करने के लिए जब कोई कपल किसी दूसरी महिला की कोख किराए पर लेता है तो इस प्रक्रिया को सरोगेसी कहा जाता है यानी सरोगेसी में कोई महिला अपने या फिर डोनर के एग्स के जरिए किसी दूसरे कपल के लिए प्रेग्नेंट होती है। अपने पेट में दूसरे का बच्चा पालने वाली महिला को सरोगेट मदर कहा जाता है।
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