डीबीटी कार्य में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए परिषदीय शिक्षकों को दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश

जिले में 1925 परिषदीय स्कूल संचालित हैं जिसमें करीब 1.4 लाख बच्चे नामांकित हैं। इन बच्चों के अभिभावकों के खाते में ड्रेस, जूता-मोजा खरीदने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 1200 रुपये भेजे जाते हैं।

लखनऊ / कानपुर देहात। जिले में 1925 परिषदीय स्कूल संचालित हैं जिसमें करीब 1.4 लाख बच्चे नामांकित हैं। इन बच्चों के अभिभावकों के खाते में ड्रेस, जूता-मोजा खरीदने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 1200 रुपये भेजे जाते हैं। नया सत्र शुरू हुए चार माह का समय बीत चुका है लेकिन पैसे आने के बाद भी कई अभिभावकों ने ड्रेस नहीं खरीदे। ज्यादातर बच्चे बगैर ड्रेस के स्कूल पहुंच रहे हैं। इसका कारण यह भी है कि टेक्निकल खामियों की वजह से अधिकांश बच्चों के खातों में 1200 रूपये की धनराशि पहुंची भी नहीं है। इसे देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने सभी शिक्षकों को डीबीटी का कार्य सुचिता पूर्ण करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अपने निर्देश में कहा है कि डीबीटी कार्य को पूर्ण करने की जिम्मेदारी विद्यालय के समस्त स्टाफ की है। यदि किसी अध्यापक के मोबाइल नंबर से लॉगइन करने पर लॉग इन ऑथेंटिकेशन फेल्ड बता रहा है तो निर्धारित प्रारूप पर अपने बीईओ को तथा मिशन प्रेरणा ग्रुप पर व प्रेरणा हेल्प पर अपनी समस्या भेजें।

प्रेरणा पोर्टल पर बच्चों का पंजीकरण करने पर भी बच्चे डीबीटी ऐप पर नहीं आ रहे हैं इसका कारण यह हो सकता है की वह बच्चे कहीं और पंजीकृत हैं अथवा उन बच्चों को आप गत वर्ष डिलीट कर चुके हैं तथा वर्तमान वर्ष में उनका पुनः पंजीकरण कर रहे हैं अथवा वे डुप्लीकेट बच्चे हैं। जिनको आप प्रेरणा पर चेक कर सकते हैं। गत वर्ष के बच्चे जिनको आप डिलीट कर चुके हैं पुनः वापस चाहते हैं तो प्रेरणा पोर्टल पर जाकर रोलबैक विकल्प में उन बच्चों को वापस ले ले यदि कोई बच्चा किसी अन्य विद्यालय में अध्ययनरत था आप उसका अपने विद्यालय में पुनः पंजीकरण कर रहे हैं तो भी वह बच्चा आपके डीबीटी अप में प्रदर्शित नहीं हो सकता ऐसे बच्चों को आप उनके पूर्व के स्कूल से प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से स्कूल ट्रांसफर करा लें।

यदि ऐप को अपडेट करने के बाद भी बच्चों की संख्या कम दिखाई दे रही है या कोई भी डाटा प्रदर्शित नहीं हो रहा है तो डीवीटी ऐप पर लॉगइन के बाद रिफ्रेश ऑल डाटा करें अथवा डीबीटी के होम पेज पर थ्री डॉट मेनू में जाकर अपडेट स्टूडेंट डिटेल पर क्लिक करें अथवा किए हुए कार्य का डाटा सिंक कर क्लियर प्रोफाइल करें तत्पश्चात पुनः लॉगिन करें छात्र संख्या अपडेट हो जाएगी। छात्र का आधार प्रमाणीकरण किए बिना डाटा प्रमाणित रिपोर्ट में नहीं जाता है भले ही छात्र के अभिभावक का आधार प्रमाणित है ऐसे बच्चों का आधार बनवा कर आधार प्रमाणित करना सुनिश्चित करें।

अध्यापक द्वारा लॉग इन करने पर उनको छात्र संख्या 0 प्रदर्शित होती है जबकि अन्य अध्यापक को छात्र संख्या प्रदर्शित हो रही है इसका यह कारण हो सकता है कि जिस अध्यापक को छात्र संख्या जीरो प्रदर्शित हो रही है उसको कक्षा आवंटन नहीं किया गया है जिस अध्यापक को जो कक्षा आवंटित की जाएगी उस अध्यापक को उसी कक्षा के बच्चे वेरिफिकेशन हेतु प्रदर्शित होंगे। अभिभावक के रूप में माता अथवा पिता का ही आधार प्रमाणीकरण किया जाना है यदि पूर्व में माता अथवा पिता का आधार प्रमाणीकरण किया गया है एवं उनमें से जिसका आधार प्रमाणीकरण किया गया है उसकी मृत्यु हो गई है तब ऐसी स्थिति में ग्राम प्रधान अथवा सभासद से इस आशय का प्रमाण पत्र लेकर माता या पिता में से जो अभिभावक जीवित हैं उनका आधार प्रमाणीकरण करें यदि माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई है अथवा अन्य किसी अपवाद की स्थिति में ग्राम प्रधान अथवा सभासद से प्रमाण पत्र लेते हुए परिवार के किसी अन्य सदस्य का आधार प्रमाणीकरण किए जाने हेतु प्रार्थना पत्र बीएसए को प्रेषित करें ऐसे सभी बच्चों का पूर्ण विवरण सहित प्रार्थना पत्र खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से संकलित कर जिले को उपलब्ध कराया जाएगा।

यदि एसआर रजिस्टर पर लिखी जन्मतिथि व आधार की जन्म तिथि में अंतर है तो आधार पर लिखी जन्मतिथि से ही आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा एसआर में कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी ऐसे बच्चों का विवरण एक अलग पंजिका में दर्ज किया जाएगा उनकी दोनों प्रकार की जन्मतिथि का विवरण दर्ज करते हुए अभिभावक से हस्ताक्षर लिया जाएगा उक्त अभिलेख को विद्यालय में सुरक्षित रखा जाएगा। जिन बच्चों का आधार नहीं बना है उन बच्चों का आधार बनवाने के लिए अपने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें।

अभिभावक अपने बच्चों का आधार पंजीकरण संशोधन बीआरसी केंद्र, आधार सेवा केंद्र, बैंक अथवा डाकघर के माध्यम से भी करा सकते हैं। यदि किसी बच्चे का बाल आधार बना है 5 वर्ष से कम का ऐसी स्थिति में अभिभावक को उसका आधार अपडेट कराने को बोलें आधार अपडेट होने के बाद ही उस बच्चे का आधार प्रमाणीकरण करें। बच्चे के आधार पर लिखा नाम लिंग जन्मतिथि पिता अथवा माता का नाम जैसा आधार पर लिखा है वैसा ही उसी प्रकार से लिखें। आधार पर लिखी सारी डिटेल उसी प्रकार से भरने पर भी यदि आधार प्रमाणीकरण नहीं होता है तो दूसरा प्रयास करने से पहले अभिभावक से पता कर ले कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि अभिभावक ने बच्चे का आधार अपडेट कर आया है लेकिन आपको पुराने आधार की फोटोकॉपी दिया है ऐसे में अभिभावक से अपडेटेड आधार प्रिंट कराने को बोलें अथवा उसके मोबाइल नंबर की सहायता से आधार की वेबसाइट पर जाकर उसका अपडेटेड आधार अपडेटेड आधार डाउनलोड कर ले फिर इसका आधार प्रमाणीकरण करें।

प्रेरणा अथवा डीबीटी ऐप पर नामांकित बच्चे का पंजीकरण करते समय यदि कोई बच्चा आउट ऑफ स्कूल है तो हां पर क्लिक करते हुए पूछी जाने वाली संबंधित समस्त प्रविष्टियां भरें तत्पश्चात बच्चे व अभिभावक का आधार प्रमाणित करें। उपरोक्त समाधानों के अतिरिक्त किसी अन्य समस्या के समाधान हेतु निर्धारित प्रारूप पर अपनी समस्या मिशन प्रेरणा ग्रुप पर भेजें समस्त खंड शिक्षा अधिकारी अपनी ब्लॉक स्तर की टेक्निकल टीम के माध्यम से अध्यापकों की समस्याओं का निराकरण करें निराकरण ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध ना होने की स्थिति में जिला कार्यालय के माध्यम से व राज्य कार्यालय के माध्यम से समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।

Author: AMAN YATRA

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