धारा प्रवाह गाली – गलौज कर पीड़ितों पर रौब झाड़ने वाली पुलिस ने पीड़ित पर दर्ज कराया मुकदमा
डायल 112 पुलिस का आतंक जिले में बढ़ता जा रहा है जिससे आम जनता परेशान दिखाई पड़ रही है। पीड़ित के साथ धारा प्रवाह गाली - गलौज करना उनके साथ मारपीट करना नियम कानून के विरुद्ध गिरफ्तारी करना और फिर धन वसूली करके छोड़ देना डायल 112 पुलिस की आदत में शुमार हो गया है। जिस मामले में डायल 112 पुलिस के कारनामों को पीड़ित परिवार ने उजागर करना चाहा तो झूठी तहरीर बना करके पीड़ित परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा करके उनकी आवाज दबाने का प्रयास होता है। गुलामीपुर के मामले को लेकर डायल 112 पुलिस की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई है

- महिला सिपाही के बिना महिला को पकड़ने गयी 112 डायल पुलिस ने ग्रामीणों के दबाव में महिला को छोड़ा
कौशाम्बी। डायल 112 पुलिस का आतंक जिले में बढ़ता जा रहा है जिससे आम जनता परेशान दिखाई पड़ रही है। पीड़ित के साथ धारा प्रवाह गाली – गलौज करना उनके साथ मारपीट करना नियम कानून के विरुद्ध गिरफ्तारी करना और फिर धन वसूली करके छोड़ देना डायल 112 पुलिस की आदत में शुमार हो गया है। जिस मामले में डायल 112 पुलिस के कारनामों को पीड़ित परिवार ने उजागर करना चाहा तो झूठी तहरीर बना करके पीड़ित परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा करके उनकी आवाज दबाने का प्रयास होता है। गुलामीपुर के मामले को लेकर डायल 112 पुलिस की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई है। पीड़ित परिवार की मदद के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने डायल 112 पुलिस स्थापित किया है लेकिन डायल 112 की पुलिस पीड़ित परिवार की मदद करने के बजाय धारा प्रवाह गाली – गलौज कर पीड़ित परिवार पर पुलिस का रौब झाड़ती दिखाई पड़ रही है। डायल 112 पुलिस के कारनामे से पुलिस महकमें की वर्दी शर्मसार हो रही है।
महिला पुलिस की उपस्थिति ना होने के बाद भी महिलाओं को पकड़ने के लिए डायल 112 पुलिस गुलामीपुर गांव पहुंच गई और महिला को पकड़ कर जबरिया पुलिस वाहन में बैठा लिया जिस पर ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस वाहन से महिला को उतार कर उसके पिता को पुलिस वाहन में बैठा कर पुलिस लेकर चली गई है। गाली – गलौज का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ हालांकि इसकी पुष्टि हम नहीं करते महिलाओं को पकड़ने और गिरफ्तारी के मामले में शासन का स्पष्ट निर्देश है कि महिला सिपाहियों के बिना महिलाओं को पकड़ कर पुलिस सिपाही ना ले जाए लेकिन उसके बाद भी महिलाओं को थाने ले जाने के मामले में डायल 112 की पुलिस ने जिस तरह से 03 जून को गुलामीपुर गांव में तत्परता दिखाकर सिपाहियों ने कानून की धज्जियां उड़ा दी।
जिला कचहरी में अधिवक्ता अमन कुमार शर्मा निवासी बेरूवा थाना चरवा की पत्नी अपने मायके गुलमीपुर थाना सैनी गई हुई थी जहां अधिवक्ता की ससुराल में कुछ विवाद हुआ जिस पर डायल 112 पुलिस गुलामीपुर पहुंची और अधिवक्ता की पत्नी को गाली – गलौज अभद्रता करते हुए जबरिया गाड़ी में बैठा लिया। ग्रामीणों ने विरोध किया तो महिला को उतार करके पुलिस वाहन में उसके पिता को बैठा लिया गया। अधिवक्ता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि डायल 112 के दो सिपाहियों ने गांव के संदीप और अनुज की मदद से गाली – गलौज करते हुए घसीट कर महिला को पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया है। जिस तरह से डायल 112 पुलिस धारा प्रवाह गाली गलौज कर रही है यह तो गुंडे जैसा बर्ताव कर रही है।
उस समय पुलिस की गाड़ी में महिला सिपाही नहीं थी हालांकि ग्रामीणों के बढ़ते दबाव के बाद गाड़ी में बैठाने के बाद महिला को पुलिस ने उतार दिया और महिला के पिता को पुलिस पकड़ कर ले गई। अपने को फसता देख डायल 112 पुलिस ने पीड़ित परिवार पर ही मुकदमा दर्ज करा दिया। अब इससे ज्यादा डायल 112 पुलिस का आतंक जिले में क्या कायम होगा। आखिर इन पुलिस कर्मियों को महिला को पकड़ने का किसने अधिकार दिया है यह बड़ी जांच का विषय है लेकिन मामले को 8 दिन बीत जाने के बाद भी दोषी सिपाहियों पर कार्रवाई नहीं हुई है और पुलिस के सहयोग में लगने वाले गांव के दोनो लोगों पर भी अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है बल्कि परिवार की आवाज दबाने के लिए उस पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। मामले की शिकायत एसपी से हुई है।
राजकुमार पत्रकार अखंड भारत संदेश पूरामुफ्ती 9621639625
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