नहर पुल पर लगा भयंकर जाम प्रशासन के छूटे पसीने
औद्योगिक नगरी दिबियापुर में आजकल जाम की स्थिति आम बात हो गई है। दिबियापुर के नहर पुल पर आए दिन लगने वाले जाम से कोई निजात नहीं मिल रही है, न हीं फिलहाल में निजात मिलती दिखाई दे रही है। जब तक नहर पुल के चौड़ीकरण की समस्या हल नहीं हो जाती है तब तक जाम की समस्या बनी रहेगी।

दिबियापुर,औरैया,विकास सक्सेना। औद्योगिक नगरी दिबियापुर में आजकल जाम की स्थिति आम बात हो गई है। दिबियापुर के नहर पुल पर आए दिन लगने वाले जाम से कोई निजात नहीं मिल रही है, न हीं फिलहाल में निजात मिलती दिखाई दे रही है। जब तक नहर पुल के चौड़ीकरण की समस्या हल नहीं हो जाती है तब तक जाम की समस्या बनी रहेगी। नगर का व्यापार मंडल प्रयास तो कर रहा है, ज्ञापन भी देता है, लेकिन समस्या का हल नहीं हो रहा है। सोमवार की सुबह 7 बजे से भीषण जाम लग गया। लोग परेशान हैं वही बच्चे स्कूल जाने को परेशान हैं। आवश्यक सेवाएं जाम में फंसी हुई है। ऐसी में कोई मरीज की एंबुलेंस फस जाए तो क्या होगा? पुलिस प्रशासन भी सहयोग करती है, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता है।
नहर पुल पर लगे हुए ड्यूटी कर्मचारी पुलिस वाले कुर्सी पर बैठ जाते हैं या अपनी गाड़ी पर बैठ जाते हैं, और वह जाम लगने की स्थिति तक बैठे रहते हैं। नो एंट्री की स्थिति में बड़े-बड़े ट्रक को निकाल दिया जाता है, आखिर क्यों? ट्रक निकलने के कारण ही पिछले सप्ताह देवराय पुरवा निवासी लड़की की सुबह करीब साढे 6 बजे स्कूल जाते समय ट्रक की टक्कर से असमय मौत हो गई थी। जिस पर काफी हंगामा हुआ था, तब यह कहा गया था कि सुवह साढे 9 तक ट्रक बालों को पीबीआरपी स्कूल के पास रोक दिया जाए , और सुबह साढे 9 बजे के बाद ही निकलने दिया जाए। उस आदेश पर कोई अमल नहीं हुआ, केवल आदेश हवा-हवाई साबित हुआ। इसके बावजूद भी जाम फंसे हुए ट्रक देखे जा सकते हैं। कैसे ट्रक निकल जाते हैं एक पुलिस प्रशासन पर नगर वासियों का बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है। आखिर पुलिस प्रशासन कब संज्ञान लेगा।
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