परीक्षा के बाद कापी में मिले अंक देख सकेंगे छात्र, पोर्टल पर आनलाइन व्यवस्था जल्द
छत्रपति शाहू जी महाराज विवि व संबद्ध विवि के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए राहतभरी खबर है। जो छात्र-छात्राएं अभी तक कम अंक दिए जाने, अंकों में हेराफेरी, फेल किए जाने जैसी समस्याओं से परेशान रहते थे। अब उनकी यह समस्या खत्म हो जाएगी। सीएसजेएमयू द्वारा पहली बार स्क्रूटनी के लिए आनलाइन पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र जहां घर बैठे आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं, उन्हें पूरी कवायद की जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी।

कानपुर, अमन यात्रा । छत्रपति शाहू जी महाराज विवि व संबद्ध विवि के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए राहतभरी खबर है। जो छात्र-छात्राएं अभी तक कम अंक दिए जाने, अंकों में हेराफेरी, फेल किए जाने जैसी समस्याओं से परेशान रहते थे। अब उनकी यह समस्या खत्म हो जाएगी। सीएसजेएमयू द्वारा पहली बार स्क्रूटनी के लिए आनलाइन पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र जहां घर बैठे आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं, उन्हें पूरी कवायद की जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी।
अभी तक मैनुअनली करते थे आवेदन : विवि के कुलसचिव डा.अनिल यादव ने बताया कि अभी तक विवि मेें छात्र स्क्रूटनी के लिए मैनुअली आवेदन करते थे। उस स्थिति में छाों की जो कापियां होती थीं, उनका वो प्रिंट निकालकर, अपने प्रार्थना पत्र के साथ परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में उसे जमा करते थे। फिर विवि द्वारा स्क्रूटनी की व्यवस्था को क्रियान्वित किया जाता था। बोले, अब व्यवस्था आनलाइन होने से छात्रों को काफी हद तक सहूलियत रहेगी। साथ ही पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी आ जाएगी।
हर साल 10 से 12 हजार छात्र करते आवेदन : विवि में प्रशासनिक अफसरों ने बताया कि हर साल 10 से 12 हजार छात्र स्क्रूटनी के लिए आवेदन करते हैं। अगर छात्रों के अंक बढ़ने की स्थिति होती है, तो उनके अंक बढ़ाए जाते हैं और संशोधित परिणाम जारी किया जाता है। पिछले पांच वर्षों में 50 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं।
नकल कराने वाले कालेज डिबार और दो लाख रुपये का जुर्माना
छत्रपति शाहू जी महाराज विवि की वार्षिक परीक्षाओं के दौरान तीन कालेज प्रबंधकों को नकल कराना महंगा पड़ गया। मंगलवार को सभी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विवि के कुलपति प्रो.विनय पाठक ने उन्नाव के केशव प्रसाद स्मारक महाविद्यालय और हरदोई के घुरई लाल महाविद्यालय पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए कालेज को आगामी दो वर्षों तक परीक्षा केंद्र के लिए डिबार कर दिया।
इसी तरह उन्होंने इटावा स्थित केके महाविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो लाख रुपये जुर्माना व छह माह के लिए कालेज को डिबार करने की संस्तुति कर दी। विवि के परीक्षा नियंत्रक डा.अंजनी मिश्रा ने बताया कि उक्त कालेजों के खिलाफ सचल दल कमेटी के सदस्यों ने अपनी रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई।
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