कथावाचक ने श्रोताओं को भगवान शिव पार्वती की अमर कथा सुनाई
मलासा विकासखंड के राय रामापुर गांव में आयोजक मंडल द्वारा आयोजित श्रीमदभागवत कथा के प्रथम दिवस में कथावाचक ने श्रोताओं को भगवान शिव पार्वती की अमर कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।

अमन यात्रा, पुखरायां। मलासा विकासखंड के राय रामापुर गांव में आयोजक मंडल द्वारा आयोजित श्रीमदभागवत कथा के प्रथम दिवस में कथावाचक ने श्रोताओं को भगवान शिव पार्वती की अमर कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।
शुक्रवार को विकासखंड के राय रामापुर गांव में शुक्रवार को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत के पहले दिन की कथा का वर्णन करते हुए कथावाचक पंडित श्याम नारायण तिवारी ने कहा कि जब भगवान शंकर इस अमृत ज्ञान को भगवती पार्वती को सुना रहे थे तो वहां एक कठफोड़वा भी यह ज्ञान सुन रहा था।पार्वती कथा सुनने के बीच बीच में हुंकार भरती थीं।पार्वती जी को कथा सुनते सुनते नींद आ गई और उनकी जगह पर वहां बैठे एक शुकदेव ने हुंकार भरना प्रारंभ कर दिया।
जब भगवान शिव को यह बात ज्ञात हुई तब वे शुक की मारने के लिए दौड़े और उसके पीछे अपना त्रिशूल छोड़ा। शुक जान बचाने के लिए तीनों लोकों में भागता रहा भागते भागते वह ब्यास जी के आश्रम में आया और सूक्ष्म रूप बनाकर उनकी पत्नी वटिका के मुख में घुस गया।वह उनके गर्भ में रह गया।ऐसा कहा जाता है कि ये 12 वर्ष तक गर्भ के बाहर ही नहीं निकले जब भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं आकर इन्हे आश्वाशन दिया कि बाहर निकलने पर तुम्हारे ऊपर माया का प्रभाव नहीं पड़ेगा तभी ये गर्भ से बाहर निकले और ब्यास जी के पुत्र कहलाए।
कथा को सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।इस मौके पर परीक्षित दयाराम पाल,राजकुमारी,ज्योति पाल,रामनाथ पाल,श्रीकृष्ण शर्मा,महेश शर्मा,रामचंद्र मिश्रा,योगेंद्र पाल,आशीष पाण्डेय,मदन मिश्रा,रघुवीर तिवारी,शशांक पांडेय मोंटी पांडेय,अतुल शर्मा,आकाश शर्मा, मदन मिश्रा,निर्देश पाल,वीरेंद्र पाल आदि लोग मौजूद रहे।
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