प्रधानाध्यापकों के प्रदर्शन का वार्षिक मूल्यांकन करने के लिए नई व्यवस्था हुई लागू
परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन के लक्ष्य को प्राप्त करने वाले शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को अब निपुण भारत चैंपियन पुरस्कार दिया जाएगा। यह योजना प्रधानाध्यापकों के प्रदर्शन का वार्षिक मूल्यांकन कर उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए सम्मानित करने के लिए किया जा रहा है।

- निपुण लक्ष्य प्राप्त करने वाले विद्यालयों को 25 हजार और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा
कानपुर देहात। परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन के लक्ष्य को प्राप्त करने वाले शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को अब निपुण भारत चैंपियन पुरस्कार दिया जाएगा। यह योजना प्रधानाध्यापकों के प्रदर्शन का वार्षिक मूल्यांकन कर उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए सम्मानित करने के लिए किया जा रहा है।
परिषदीय प्राथमिक विद्यालय के नामांकन के सापेक्ष 80 प्रतिशत बच्चों द्वारा निपुण लक्ष्य एवं सूची की निर्धारित दक्षताएं प्राप्त करना आवश्यक है। इसके साथ ही विगत तीन शैक्षिक सत्रों में परिषदीय प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1-5) में बच्चों के नामांकन में निरंतर वृद्धि हुई हो और किसी भी शैक्षिक सत्र में छात्र नामांकन 100 से कम नहीं होना चाहिए। शैक्षिक सत्र में परिषदीय प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1-5) में बच्चों की औसत उपस्थिति 90 प्रतिशत से अधिक होना भी जरूरी है।
इन लक्ष्यों को प्राप्त करने वाले परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का स्वतंत्र वाह्य मूल्यांकन के उपरांत विद्यालय को निपुण विद्यालय और प्रधानाध्यापक को निपुण चैंपियन हेड मास्टर ऑफ द डिस्ट्रिक्ट घोषित किया जाएगा। पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यालयों को 25 हजार की धनराशि के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापकों को विभिन्न अवसरों पर राज्य, जनपद एवं विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रशस्ति पत्र के साथ सम्मानित किया जाएगा।
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