उत्तरप्रदेशकानपुर देहातफ्रेश न्यूजलखनऊ

बरती लापरवाही तो होगी कार्यवाही, अब मिड डे मील पर रहेगी मां की नजर

कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को रोजाना स्कूलों में मिड-डे-मील परोसा जाता है। वह कैसा है इस बारे में परिजनों को खासकर माताओं को पता नहीं लगता है लेकिन अब वे जान सकेगी की भोजन कैसा है भोजन पौष्टिक व गुणवत्तापूर्ण है या नहीं। स्कूल में तय मीनू अनुसार भोजन दिया जा रहा है या नहीं।

लखनऊ / कानपुर देहात। कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को रोजाना स्कूलों में मिड-डे-मील परोसा जाता है। वह कैसा है इस बारे में परिजनों को खासकर माताओं को पता नहीं लगता है लेकिन अब वे जान सकेगी की भोजन कैसा है भोजन पौष्टिक व गुणवत्तापूर्ण है या नहीं। स्कूल में तय मीनू अनुसार भोजन दिया जा रहा है या नहीं।

सरकारी स्कूलों में वैसे तो पौष्टिक व गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसा जाता है लेकिन कई जगह कोताही बरती जाती है। तय मीनू अनुसार भोजन नहीं परोसा जाता है। इस कारण यह नई व्यवस्था लागू की गई है। जिसमें माताएं रोजाना आकर भोजन की जांच करेंगी। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील की गुणवत्ता को परखने के लिए विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए मां समूह का गठन किया गया है और इस समूह को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

मध्यान भोजन प्राधिकरण के निर्देश पर मिड डे मील दिए जाने वाले स्कूलों में मां समूह का गठन किया गया है। अब मिड डे मील में इस माह समूह की सक्रिय भागीदारी होगी। मिड डे मील की गुणवत्ता भी मां समूह की सदस्य परखेंगी। मकसद यह है कि मिड-डे-मील गुणवत्तापूर्ण हो और बच्चों को शासन के निर्देशों के अनुरूप खाद्य सामग्री दी जा सके। जब अभिभावक माताएं मिड-डे-मील की गुणवत्ता परखेगीं तो स्वाभाविक रूप से मिड डे मील बेहतर बनेगा इसी मकसद को लेकर मां समूह का गठन किया गया है। इस मां समूह को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में समूह में शामिल महिलाओं को उनके दायित्वों का बोध कराया जाएगा ताकि वे मध्यान्ह भोजन योजना की मॉनिटरिंग कर सकें और इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी भी कर सकें।

विभाग की ओर से इस प्रशिक्षण के लिए बजट भी निर्धारित कर दिया गया है। बीएसए अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मिड डे मील के लिए परिषदीय स्कूलों में मां समूह का गठन किया गया है। प्रयास यह है कि प्रतिदिन मां समूह की कम से कम एक अभिभावक मां विद्यालय में आए तथा मिड डे मील को परखे। इसके साथ ही मां समूह की उस अभिभावक के हस्ताक्षर भी कराएं जाएंगे।

AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

SABSE PAHLE


Discover more from अमन यात्रा

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Related Articles

AD
Back to top button

Discover more from अमन यात्रा

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading