बेसिक शिक्षा विभाग : महानिदेशक का आदेश हवा हवाई आदेश ऑनलाइन का, काम सब ऑफलाइन
बेसिक शिक्षा विभाग में परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का निलंबन के बाद बहाली और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन करने के निर्देश हैं। इतना ही नहीं इनके निलंबन के दौरान हो रही कार्यवाही का अपडेट भी ऑनलाइन करना है लेकिन नहीं किया जा रहा है। कुल 75 जनपदों में से सिर्फ 29 जिलों में ही यह प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही है।

- निलंबित शिक्षकों-कर्मचारियों की बहाली व विद्यालय आवंटन में निर्देश का नहीं हो रहा पालन
लखनऊ/कानपुर देहात। बेसिक शिक्षा विभाग में परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का निलंबन के बाद बहाली और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन करने के निर्देश हैं। इतना ही नहीं इनके निलंबन के दौरान हो रही कार्यवाही का अपडेट भी ऑनलाइन करना है लेकिन नहीं किया जा रहा है। कुल 75 जनपदों में से सिर्फ 29 जिलों में ही यह प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही है।

विभाग में शिक्षकों के स्कूल आवंटन, छुट्टियों की स्वीकृति, एरियर भुगतान आदि की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। इसका उद्देश्य शिक्षकों कर्मचारियों का आर्थिक शोषण रोकना और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है लेकिन विभिन्न जिलों में विभाग के ही अधिकारी और कर्मचारी इस कवायद को पलीता लगा रहे हैं।

प्रदेश भर में लगभग 1455 मामले शिक्षकों-कर्मचारियों के निलंबन के चल रहे हैं लेकिन सिर्फ 92 कार्मिकों की जानकारी ही ऑनलाइन अपडेट की गई है। कानपुर देहात में 5 शिक्षक निलंबित चल रहे हैं लेकिन किसी का भी डाटा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। इस पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सभी जनपदों के बीएसए से नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि निलंबन / बहाली से जुड़ी जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग में दर्ज किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने सभी बीएसए से कहा है कि वे सभी प्रकरण की समीक्षा करते हुए जानकारी पोर्टल पर अपडेट कराएं।
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