आपको बता दें कि, सरकार द्वारा बनाये गये कृषि कानून के विरोध में किसानों का आंदोलन जारी है. 80 दिनों से ज्यादा हो गये हैं, दिल्ली बॉर्डर पर किसान कानून वापसी की मांग को लेकर डटे हैं. सरकार से बातचीत के कई दौर बेनतीजा रहे हैं. दिल्ली बॉर्डर पर राकेश टिकैत लगातार सरकार को घेर रहे हैं. गौरतलब है कि, बुधवार को जिले के सिसौली कस्बे में हुई इस किसान पंचायत में कई गांव को किसान शामिल हुए.
बीजेपी की मुसीबत
किसान आंदोलन सरकार के लिये लगातार मुसीबत बनता जा रहा है. वहीं, उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभ के चुनाव होने हैं. ये आंदोलन भारतीय जनता पार्टी के लिये सियासी तौर पर बड़ा नुकसान कर सकता है. वहीं, विपक्षी दल किसानों के इस आंदोलन में अपना राजनीतिक फायदा तलाशने में जुटे हैं.
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