कानपुर

महिला सप्लायर ने खोले कई राज, पटना में धुली जाती थी स्टांप की स्याही

कानपुर में बर्रा में पकड़ी गई महिला सप्लायर ने बताया है कि पटना के कारखाने में जाली स्टांप की रीसाइकिंलिंग की जाती थी और वहीं गांधी चौराहे पर एक युवक मिलता था जो ब्लीचिंग कारखाना चला रहा था।

कानपुर, अमन यात्रा । जाली स्टांप और नोटरी टिकट के साथ बर्रा में पकड़ी गई महिला तस्कर से पुलिस को पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस गिरोह को इस्तेमाल हुए स्टांप मुहैया कराने वाले और पटना में रीसाइकल करने वाले की तलाश में जुटी है। महिला से पुलिस को लखनऊ के एक बड़े एजेंट और पटना में ब्लीचिंग करने का कारखाना चलाने वाले के बारे में कुछ इनपुट मिला है। एक टीम लखनऊ के लिए रवाना हुई है जबकि पटना भी जल्द ही टीम भेजी जा सकती है।

बर्रा में जमीन के विवाद में जाली स्टांप पर दस्तावेज तैयार करने की जानकारी होने पर पुलिस ने गिरोह के सदस्यों की धरपकड़ शुरू की थी। पहले हुई कार्रवाई में पुलिस ने प्रयागराज निवासी स्टांप वेंडर रंजीत कुमार रावत और कर्नलगंज निवासी स्टांप वेडर के बेटे शीजान को 5.50 लाख रुपये के जाली स्टांप और नोटरी टिकट संग पकड़ा था। रंजीत का नेटवर्क खंगालने को पुलिस प्रयागराज और भागलपुर गई थी, लेकिन दो सप्ताह रुकने के बाद भी कुछ हाथ न आने पर बैरंग लौट आई थी।

इधर पुलिस को रंजीत की जमानत के प्रयास में जुटे गिरोह के सदस्यों के शहर आने की जानकारी मिली तो बर्रा पुलिस ने छापेमारी कर महिला तस्कर लखनराय प्रतापटाड वैशाली बिहार निवासी सरिता सरोज और उमरपुर हरीबंधनपुर जौनपुर निवासी चंदन गुप्ता को पकड़ा था। दोनों के पास से 2.71 लाख के जाली स्टांप और नोटरी टिकट मिले थे। महिला से पूछताछ में पता चला कि लखनऊ से स्टांप लेकर ब्लीचिंग के लिए पटना पहुंचाने थे। थाना प्रभारी बर्रा हरमीत सिंह ने बताया कि महिला से लखनऊ के केसरबाग निवासी युवक के बारे में पता चला। वहीं, महिला ने पटना के गांधी चौराहे के पास रहने वाले युवक के ब्लीचिंग कारखाना चलाने की जानकारी दी। वह अक्सर उन लोगों से गांधी चौराहे के पास चाय के होटल पर मिलता था। वहीं महिला से कई अहम नंबर मिले हैैं, जिन पर काम चल रहा है।

लखनऊ भेजी गई टीम

पुलिस के मुताबिक लखनऊ में इस्तेमाल हो चुके स्टांप मुहैया कराने वाले युवक ने महिला सप्लायर और वेंडर के पकड़े जाने के बाद मोबाइल स्विचआफ कर लिया है। वह गिरोह की अहम कड़ी है। उसकी धरपकड़ के लिए सॢवलांस, क्राइमब्रांच और बर्रा पुलिस की संयुक्त टीम लखनऊ गई है।

रिपोर्ट के लिए तीसरी बार भेजा रिमाइंडर

ब्लीचिंग की जांच के लिए स्टांप के छह नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला झांसी भेजे गए थे। करीब एक माह बाद भी वहां से रिपोर्ट नहीं आई है। शनिवार को पुलिस ने तीसरी बार रिमाइंडर भेजा है।

प्रयागराज स्टेशन पर मिली थी महिला

महिला सप्लायर ने बताया कि पहले वह कपड़े फिर कीटनाशक लाने ले जाने का काम करती थी। इसी बीच पटना निवासी ब्लीचिंग करने वाले युवक से उसकी मुलाकात प्रयागराज स्टेशन पर हुई थी। उसने बताया कि वह चंदन को पहले से जानती थी। ब्लीचिंग करने वाले युवक से मिली तो चंदन महिला के साथ ही था।

  • स्टांप मुहैया कराने वाले लखनऊ के युवक को पकडऩे के लिए टीम भेजी गई है। वहीं पटना में ब्लीचिंग करने वाले की धरपकड़ के लिए जल्द टीम भेजेंगे। -दीपक भूकर, एसपी साउथ
AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

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