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माता सावित्रीबाई फुले का 193 वा जन्मदिवस बालिका दिवस के रूप में मनाया गया

कस्बा के रामस्वरूप ग्राम उद्योग परास्नातक महाविद्यालय पुखरायां कानपुर देहात के सावित्रीबाई फुले महिला छात्रावास में आज माता सावित्रीबाई फुले का 193 वा जन्मदिवस बालिका दिवस के रूप में मनाया गया।

Story Highlights
  • माता सावित्री बाई फुले के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालने हेतु एक संगोष्ठी हुई आयोजित  

पुखरायां : कस्बा के रामस्वरूप ग्राम उद्योग परास्नातक महाविद्यालय पुखरायां कानपुर देहात के सावित्रीबाई फुले महिला छात्रावास में आज माता सावित्रीबाई फुले का 193 वा जन्मदिवस बालिका दिवस के रूप में मनाया गया।इस अवसर पर माता सावित्री बाई फुले के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालने हेतु एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ हेमेंद्र सिंह ने की कार्यक्रम का संचालन छात्रावास के वार्डन लेफ्टिनेंट जितेंद्र कुमार एवं कार्यक्रम के आयोजक छात्रावास के अधीक्षक डॉ अंशुमान  उपाध्याय, डॉ पर्वत सिंह, श्री शिवनारायण यादव ,संजय कुमार तथा छात्रावास की छात्राएं उपस्थिति रही।

डॉ हेमेंद्र सिंह ने कहा कि परोक्ष रूप से ब्रिटिश काल का सामाजिक सुधार में महत्वपूर्ण योगदान रहा है माता सावित्रीबाई फुले ने अपने पति से शिक्षा ग्रहण की और तत्कालीन कुरीतियों के विरुद्ध एक मजे हुई योद्धा की भांति शिक्षा एवं कविताओं के माध्यम से महिलाओं के प्रति जागरूकता पैदा कर शिक्षा की ज्योति जलाई। आज विद्यार्थियों को उनके संघर्ष एवं योगदान को याद करते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए ।डॉ अंशुमान उपाध्याय ने कहा कि जिन सावित्रीबाई फुले का आज हम जन्मदिन  मना रहे हैं वह केवल इसलिए नहीं कि उन्होंने शिक्षा की ज्योति जलाई बल्कि इसलिए की विपरीत परिस्थितियों में भी हम कैसे आगे बढ़ सकते हैं इसकी तस्वीर प्रस्तुत की आज उनके जीवन को आत्मसात करने का विषय है।

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डॉ पर्वत सिंह ने कहा कि आज जिस प्रथम महिला शिक्षिका का जन्मदिन मना रहे हैं वह आधी आबादी विशेष कर वह जिसके अधिकार चाहरदिवारी तक सीमित थे, उनकी उस सीमित्ता को शिक्षा के माध्यम से समाप्त कर  समाज में बराबरी का अधिकार दिलाया। लेफ्टिनेंट जितेंद्र कुमार ने सावित्रीबाई फुले को  कविताओं के माध्यम से याद किया तथा यह भी बताया कि महाविद्यालय का यह महिला छात्रावास सावित्रीबाई फुले द्वारा महिला उत्थान में किए गए योगदान को याद करने के लिए सावित्रीबाई फुले के नाम से जाना जाता है जिसमें महाविद्यालय की ऐसी छात्राएं जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है वह महाविद्यालय के सावित्रीबाई फुले महिला छात्रावास में रहकर अपने कोर्स को कंप्लीट कर रही है।

AMAN YATRA
Author: AMAN YATRA

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