कानपुर देहात में ट्रांसपोर्टर हत्या मामले में मुख्य आरोपी को उम्रकैद,पिता भाभी को चार चार साल की सजा
कानपुर देहात के बारा गांव में एक ट्रांसपोर्टर की निर्मम हत्या मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है।कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही उस पर 2.60 लाख का जुर्माना भी लगाया है।घटना 23 अगस्त 2020 की है।ट्रांसपोर्टर राकेश पाल रोज की तरह सुबह अपने खेत गए थे।कोविड काल में काम कम होने के कारण वह गांव में रहकर पशुओं की देखभाल करते थे

- 3.10 लाख का लगाया जुर्माना
पुखरायां।कानपुर देहात के बारा गांव में एक ट्रांसपोर्टर की निर्मम हत्या मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है।कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही उस पर 2.60 लाख का जुर्माना भी लगाया है।घटना 23 अगस्त 2020 की है।ट्रांसपोर्टर राकेश पाल रोज की तरह सुबह अपने खेत गए थे।कोविड काल में काम कम होने के कारण वह गांव में रहकर पशुओं की देखभाल करते थे।आरोपी तौफीक ने पहले लोहे की रॉड से राकेश के सिर पर कई वार किए।हमले में उसका पेट फट गया और आंतें बाहर निकल आईं।जब राकेश काफी देर तक घर नहीं लौटे तो उनका पुत्र शिवम् उन्हें खोजने निकला।खेत में उसके पिता की चप्पल और हंसिया मिला।कुछ दूरी पर उसकी दूसरी चप्पल पड़ी थी।आगे जाने पर उसके पिता का खून से लतपथ शव पड़ा था।शिवम की शिकायत पर नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।एडीजे 6 दुर्गेश की कोर्ट में चल रहे इस मामले में मुख्य आरोपी तौफीक को दोषी पाया गया।साक्ष्य छिपाने के आरोप में तौफीक के पिता नसीम और भाभी राबिया को चार साल की कैद और 25.25 हजार का जुर्माना लगाया गया है।सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि अर्थदंड न जमा करने पर दोषियों को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।छह अभियुक्तों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।
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