मानसून में यूं रहें सुरक्षित
बारिश का मौसम कई तरह से सेहत पर हमला करता है। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया के मामले इसी मौसम में तेजी से बढ़ते हैं। दूषित पानी के संपर्क में आने से पेट की गड़बड़ी, हैजा व पीलिया होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

बारिश का मौसम कई तरह से सेहत पर हमला करता है। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया के मामले इसी मौसम में तेजी से बढ़ते हैं। दूषित पानी के संपर्क में आने से पेट की गड़बड़ी, हैजा व पीलिया होने का खतरा भी बढ़ जाता है। आप खुद को कैसे रख सकते हैं स्वस्थ, आइये जानें…
इम्युनिटी बढ़ाएं
विटामिन से भरपूर डाइट लें। खासतौर पर विटामिन सी लें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। इससे नाक व गले का संक्रमण नहीं होता और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में ईएनटी विशेषज्ञ संजय सचदेवा के अनुसार, शरीर में नमी बनाए रखें। गले के संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखें।
कान से वैक्स निकालें ढंग से
मानसून के दौरान कानों में वैक्स जमा होने लगती है, जिससे कई बार दर्द होता है और सुनने में भी समस्या हो जाती है। डॉ. संजय के अनुसार, कॉटन बड्स को भी कान में अधिक गहराई तक अंदर न ले जाएं। ऐसा करना स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।
पैर सूखे व ढक कर रखें
मानसून के मौसम में पैरों का खुले रहना संक्रमण के खतरे को बढ़ाता है। त्वचा के लगातार नमी व पानी के संपर्क में रहने से फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। गुड़गांव स्थित एफएमआरआई में त्वचा रोग विशेषज्ञ सुनील संघी के अनुसार, पैरों की उंगलियों के बीच व जांघ के भीतरी हिस्सों की सफाई रखें। नमी सोखने के लिए कैलेमाइन लोशन का उपयोग करें। पसीना अधिक आने पर अंडरगारमेंट्स बदलें। एसी में रहते हैं तो छाती के संक्रमण से बचने के लिए गीले कपड़े न पहनें।
खूब पानी पिएं
फिटनेस एंड वेलनेस एक्सपर्ट वेसना पेरिसेविक जेकब के अनुसार, उमस और उच्च तापमान शरीर के इलेक्ट्रोलाइट लेवल पर असर डालते हैं। पानी की कमी से मरोड़, सिरदर्द, अनिद्रा, ऊर्जा की कमी व रक्तचाप में उतार-चढ़ाव होता है। बचने के लिए तरल पदार्थ पिएं।
–हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एक्सपर्ट शिखा शर्मा के अनुसार मानसून का मौसम त्वचा पर भारी पड़ता है। अधिक चिकनाईयुक्त भोजन करना शरीर की गर्मी बढ़ा देता है, जिससे त्वचा पर चकत्ते व अन्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। सुबह नाश्ते में ओट्स, जौ, बाजरा, सोयाबीन व फलों का सेवन करें।
–बालों के लिए माइल्ड शैंपू (न्यूट्रल पीएच) इस्तेमाल में लाएं। गीले बालों पर कंघी न करें। यदि बालों में खुजली अधिक होती है तो एंटी फंगल गुणों वाली स्टेरॉयड क्रीम लगाएं।
–नियमित व्यायाम करें। तेज गति से चलें। यदि दौड़ सकते हैं तो कुछ देर दौड़ना शरीर को स्वस्थ रखेगा। अगर तैराकी करते हैं तो पूल में जाने से पहले और बाद में सही ढंग से नहाएं। त्वचा के संक्रमण से बचने के लिए शरीर को ढंग से सुखाएं।
रुके हुए पानी में मिट्टी का तेल डालें
रुके हुए पानी में मच्छर तेजी से पैदा होते हैं। अपने घर के आसपास कहीं पानी का जमाव न होने दें। पानी की टंकी की नियमित रूप से सफाई करते रहें। घर के आसपास यदि गड्ढे हैं तो उन्हें भर दें। छत पर रखी टंकी समेत पानी के हर तरह के स्रोत को ढक कर रखें। घर के पास रुके हुए पानी में मिट्टी के तेल की कुछ बूंदें डालते रहें।
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