कानपुर, अमन यात्रा । मेट्रो ने शनिवार रात से रविवार सुबह तक रावतपुर तिराहे पर पहला स्टील स्पैन रखा। इस तिराहे पर अधिक ट्रैफिक को देखते हुए जगह छोड़ने के लिए यू गार्डर नहीं लगाया जा सकता था, इसीलिए स्टील स्पैन का इस्तेमाल किया गया। अब दूसरा स्टील स्पैन सीसामऊ नाले और तीसरा वसंत विहार में रखा जाएगा।
आइआइटी से मोतीझील के बीच नौ किलोमीटर लंबे प्राथमिक कारीडोर में काम चल रहा है। यहां रावतपुर तिराहे पर वाहनों का लोड काफी ज्यादा है। एक तरह रेलवे स्टेशन है तो दूसरी तरफ रोडवेज का बस अड्डा। इसे देखते हुए वाहनों के मुड़ने के लिए भी जगह छोड़नी थी। यू गार्डर लगाने पर सड़क पर एक खंभा आ जाता और वाहनों को मुड़ने के लिए जगह नहीं मिल पाती। इसलिए यहां स्टील स्पैन लगाया गया। अभी मोतीझील से आइआइटी जाने वाले रूट पर स्टील स्पैन रखा गया है, जल्द ही आइआइटी से मोतीझील के रूट पर भी स्टील स्पैन रखा जाएगा।
इस तिराहे पर दो खंभों के बीच अंतर को 45 मीटर किया गया। स्टील स्पैन की लंबाई 45 मीटर है, जबकि यू-गार्डर की लंबाई 27 मीटर होती है। यू-गार्डर का वजन लगभग 147 टन होती है वहीं स्टील स्पैन का वजन लगभग 120 टन है। ये स्टील स्पैन हरियाणा के यमुना नगर से मंगवाए गए हैं। इनके पांच हिस्सों को जोड़कर 45 मीटर का स्पैन बनाया गया है। मेट्रो के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने कहा कि रावतपुर तिराहे पर ट्रैफिक के भार को देखते हुए स्टील स्पैन रखने की योजना बनाई गई थी।