मैथा तहसील में अधिवक्ताओं का आक्रोश, बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ आठवें दिन भी हड़ताल जारी
मैथा तहसील परिसर में अधिवक्ताओं द्वारा बनवाए जा रहे चैंबरों पर एसडीएम और तहसीलदार द्वारा बुलडोजर चलाए जाने के खिलाफ अधिवक्ताओं की हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही।

- एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन, न्याय की मांग तेज
मैथा, कानपुर देहात: मैथा तहसील परिसर में अधिवक्ताओं द्वारा बनवाए जा रहे चैंबरों पर एसडीएम और तहसीलदार द्वारा बुलडोजर चलाए जाने के खिलाफ अधिवक्ताओं की हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है और उन्होंने अपनी मांग को और तेज कर दिया है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि पूर्व एसडीएम द्वारा उन्हें चैंबर निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन वर्तमान एसडीएम ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके चैंबरों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है और वे इसे अपनी गरिमा के खिलाफ मान रहे हैं।
बुधवार को भी लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने तहसील प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की।
अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता है, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
इस हड़ताल से तहसील में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु:
- आठवें दिन भी हड़ताल जारी, अधिवक्ताओं का आक्रोश चरम पर।
- बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन।
- न्याय की मांग को लेकर वकीलों का धरना प्रदर्शन।
- तहसील में कामकाज ठप, आम लोगों को परेशानी।
- अधिवक्ताओं ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
- अधिवक्ताओं का कहना है कि जब चैंबरों का निर्माण शुरू हुआ था, तभी मना कर देना चाहिए था। अब चैंबर बन गए हैं, तो नोटिस जारी करने के बाद गिराने की प्रक्रिया करनी चाहिए थी।
- अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया।
- अधिवक्ताओं ने न्याय की मांग की।
- अधिवक्ताओं ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
- अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे।
- अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता है, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
- अधिवक्ताओं ने कहा कि इस हड़ताल से तहसील में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- अधिवक्ताओं ने कहा कि इस घटना से अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी है और वे इसे अपनी गरिमा के खिलाफ मान रहे हैं।
- अधिवक्ताओं ने कहा कि पूर्व एसडीएम द्वारा उन्हें चैंबर निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन वर्तमान एसडीएम ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके चैंबरों को ध्वस्त कर दिया।
- अधिवक्ताओं ने कहा कि यह कार्रवाई मनमानी है और वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
- अधिवक्ताओं ने कहा कि वे न्याय के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
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